गाजियाबाद

रेप पीड़िता से अमानवीय व्यवहार! स्कूल से काटा नाम, कहा- अब वह स्कूल न आए, उसकी शादी करा देना

गाजियाबाद में एक गर्ल्स इंटर कॉलेज में 9वीं में पढ़ने वाली रेप पीड़िता छात्रा का स्कूल से नाम काट दिया गया। इस पर गाजियाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि बच्ची की पढ़ाई नियमित रहेगी। उन्होंने कहा कि वे स्कूल से इस बारे में बात करेंगे और अगर ऐसा हुआ है तो इसपर कार्रवाई की जाएगी।

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रेप पीड़िता का स्कूल से काटा नाम (सांकेतिक फोटो)

KEY HIGHLIGHTS
  • 9वीं में पढ़ रही है पीड़ित छात्रा
  • स्कूल न आने पर काटा नाम- प्रिंसिपल
  • DIOS ने कहा - बच्ची की पढ़ाई नियमित रहेगी

Ghaziabad News: गाजियाबाद में रेप का दंश झेल रही पीड़ित छात्रा का नाम स्कूल से काट दिया गया है। स्कूल में पीड़िता की बड़ी बहन भी पढ़ती है। पीड़िता के पिता ने बताया कि स्कूल में पीड़िता की बड़ी बहन से महिला टीचर ने कहा कि अपनी बहन से कहना कि वो घर पर ही रहे और तुम लोग उसकी शादी कर देना, क्यों उसका नाम स्कूल से काट दिया गया है। इस मामले में गाजियाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि वे स्कूल से बात करेंगे और अगर ऐसा हुआ है तो इसपर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्ची की पढ़ाई नियमित रहेगी। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि पीड़िता के स्कूल न आने के कारण उसका नाम काटा गया है।

10 जुलाई को दर्ज कराई थी शिकायत

पीड़िता एक गर्ल्स इंटर कॉलेज में 9वीं कक्षा की छात्रा है। बच्ची के पिता ने 10 जुलाई को थाना इंदिरापुरम मं रेप और पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि सोहिल नाम का लड़का उनकी बेटी को बहलाकर ले गया और नोएडा जाकर होटल में जबरन रेप किया और बेटी की आपत्तिजनक फोटो भी खींची। उन्होंने बताया कि आरोपी उनकी बेटी को ब्लैकमेल कर रहा था और बात नहीं मानने पर फोटो वायरल करने की धमकी भी दे रहा था। शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने सोहिल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अभी डासना जेल में बंद है।

टीचर ने बड़ी बहन से किए सवाल

पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी दूसरी बेटी को टीचर ने बुलाकर छोटी बहन के स्कूल न आने के बारे में पूछा। जब बेटी ने कहा कि पापा स्कूल आकर बात कर लेंगे तो टीचर ने कहा कि हमें पता है पुलिस हमारे पास आई थी और हमें जानकारी दी है। इसके बावजूद टीचर ने दूसरी बेटी से इस वाकया के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि उनकी दूसरी बेटी भी छोटी है और टीचर सब जानते हुए भी अनजान बन गई और उनकी दूसरी बेटी से ऐसे सवाल पूछे।

स्कूल से नहीं आया कोई फोन

बच्ची के पिता ने कहा कि हम गरीब आदमी है, हमारे पास इतने पैसे नहीं है कि प्राइवेट स्कूल में एडमिशन दिलाएं। हमने बेटी का एडमिशन सरकारी स्कूल में कराया था। उनकी बेटी अभी छोटी है और पढ़ाना चाहती है उसको पढ़ने दिया जाए। उन्होंने बताया कि हमें तो नाम काटने का पता नहीं चला। स्कूल से कोई फोन तक नहीं आया। उन्होंने कहा कि स्कूल को एक बार उनसे भी पूछना चाहिए था। सिर्फ उसकी बड़ी बहन को बुलाकर नाम काटने की सूचना दे दी।

बच्ची की पढ़ाई रहेगी जारी

DIOS धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि उन्हें इस बारे में सूचना मिली है और वे स्कूल से इसे कंफर्म करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो यह स्थिति बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है। बच्ची का पढ़ाई को निश्चित रूप से सुनिश्चिचित किया जाए और उसकी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रहे। वहीं स्कूल की प्रिंसिपल ने इस मामले में कहा है कि स्कूल में 10 दिन तक अनुपस्थित रहने पर नाम काटने का नियम बना हुआ है। इस तरह से कई छात्राओं के नाम पिछले दिनों में काटे गए हैं। लेकिन अगर छात्राओं के माता-पिता उनके स्कूल न आने की ठोस वजह को शपथ पत्र पर लिखकर देते तो उनका नाम फिर से जोड़ दिया जाता है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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