गाजियाबाद

Ghaziabad: नए साल में गाजियाबाद बनेगा स्वच्छ, दिल्‍ली की तरह यहां भी विकसित होंगी कैटल कॉलोनी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 29, 2022, 03:54 PM IST

Ghaziabad: गाजियाबाद नगर निगम शहर को स्‍वच्‍छ बनाने के लिए दिल्‍ली की तर्ज पर शहर से बाहर कैटल कॉलोनी विकसित करने जा रहा है। निगम ने इसके लिए जीडीए से जमीन मांगी है। जमीन मिलने के बाद शहर के अंदर संचालित हो रही करीब 10 हजार डेरियों को यहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। यह कार्य फरवरी माह तक शुरू हो जाएगा।

Image

गाजियाबाद नगर निगम बनाएगा कैटल कॉलोनी

KEY HIGHLIGHTS
  • गाजियाबाद शहर के अंदर करीब 10 हजार डेरियां मौजूद
  • सभी डेरियों को किया जाएगा कैटल कॉलोनी में शिफ्ट
  • डेरियों से निकलने वाली गंदगी से हो रही सीवर जाम होने की समस्‍या

Ghaziabad: नए साल पर गाजियाबाद शहर की स्‍वच्‍छता में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नगर निगम गाजियाबाद इस शहर में दिल्ली की तर्ज पर कैटल कॉलोनी विकसित करने जा रही है। अपनी इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए नगर निगम के पशु कल्याण विभाग ने जीडीए को पत्र लिखकर सहमति मांगी। जीडीए की तरफ से ईशरा मिलते ही गाजियाबाद शहर में चल रही दूध की डेयरियों को शहर के बाहर शिफ्ट कर दिया जाएगा। इनके लिए एक स्‍थान पर कैटल कॉलोनी विकसित की जाएगी। बता दें कि राजधानी दिल्‍ली में एमसीडी ने कैटल कॉलोनी विकसित की है। इस जगह पर पशुओं को पाला जाता है। शहर को स्वच्‍छ बनाए रखने में यह योजना महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कैटल कॉलोनी विकसित करने की योजना की जानकारी देते हुए गाजियाबाद नगर निगम के आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि कैटल कॉलोनी विकसित करने की जिम्‍मेदारी पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज सिंह को सौंपी गई है। इस संबंध में नगर निगम ने एक सर्वे भी कराया है। जिसके मुताबिक गाजियाबाद शहर क्षेत्र में इस समय करीब दस हजार डेरियां चल रही हैं। इनमें से सबसे ज्‍यादा डेरियां ग्रामीण एरिया या इसके आसपास के एरिया में संचालित हो रही हैं। इन डेरियों से निकलने वाली गंदगी की वजह से सबसे ज्‍यादा सीवर जाम होने की समस्‍या होती है।

एनजीटी की सख्‍ती पर नगर निगम का एक्‍शन

बता दें कि, एनजीटी ने गत दिनों गाजियाबाद की अवंतिका कॉलोनी में चल रही दूध की डेयरी को बंद करने के लिए नगर निगम को सख्त आदेश दिया है। इस मामले की सुनवाई करते हुए एनजीटी ने नगर निगम को इन डेरी संचालकों पर जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया था। जिसके बाद पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया। एनजीटी के इस एक्‍शन के बाद ही नगर निगम ने शहर के अंदर मौजूद सभी डेरियों को शहर के बार शिफ्ट कर कैटल कॉलोनी विकसित करने की योजना बनाई। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, शहर के बाहर कैटल कॉलोनी विकसित करने के लिए जीडीए से जमीन लेने का प्लान बनाया गया है। इसलिए जीडीए से सहमति मांगी गई। अधिकारियों के जीडीए द्वारा जमीन उपलब्‍ध कराने के साथ ही इस योजना पर कार्य शुरू हो जाएगा। उम्‍मीद है कि जनवरी माह के अंतिम सप्‍ताह या फरवरी तक निगम को जमीन मिल जाएगी।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article