Ghaziabad News: गाजियाबाद में कुत्ते के काटने के लगातार बढ़ रही घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। अब इस शहर में लोग पिटबुल, राटवेलर और डोगो अर्जेंटीनो जैसे खतरनाक प्रजाति के डॉग नहीं पाल सकेंगे। इस संबंध में नगर निगम की बोर्ड ने डॉग पर नई नियमावली का प्रस्ताव पास कर दिया है। इस आदेश में कहा गया है कि जिन लोगों के पास पहले से इन ब्रीड के डॉग हैं, उनका अपने डॉग्स का बध्यिाकरण करा नगर निगम के पास पंजीकरण कराना होगा। इस आदेश को न मानने वाले लोगों पर निगम जुर्माना लगाने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी करेगा।
नगर निगम बोर्ड ने शनिवार को एक बैठक की थी, जिसमें शहर के अंदर सभी पालतू डॉग्स का अनिवार्य पंजीकरण और खतरनाक नस्ल के डॉग्स पर बैन लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। जिसे सभी की सहमति से पास कर दिया गया। साथ ही आदेश पारित कर पीटबुल, राट वेलर और डोगों अर्जेंटीनों की ब्रीडिंग को प्रतिबन्धित कर दिया गया है।
डॉग मालिकों को इन बातों का भी रखना होगा ध्यान
नगर निगम द्वारा पास किए गए प्रस्ताव के अनुसार, अब डॉग पालने वाले लोगों को डॉग द्वारा फैलाई गई गंदगी की सफाई खुद करनी होगी। सोसाइटी के अंदर आवारा डॉग्स के ध्यान रखने की जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए की होगी। आरडब्ल्यूए लोगों के साथ मिलकर ऐसे डॉग्स को खाना खिलाने हेतु श्वान फीडिंग का स्थान बनाएंगे। पार्क और लिफ्ट जैसे सार्वजानिक स्थान पर डॉग्स को ले जाते समय उसके चेहरे पर मजल लगाना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, जिन लोगों ने आक्रमक नस्ल के डॉग्स को पाल रखा है, उन्हें दो माह के अंदर अपने डॉग का बध्याकरण अनिवार्य रूप से करवाना होगा। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। बध्याकरण में छह माह से कम उम्र के डॉग्स को छूट रहेगी। हालांकि इसके लिए उन्हें नगर निगम के पास डॉग की उम्र से संबंधित शपथ पत्र देना होगा।
