Ghaziabad: गाजियाबाद पुलिस की कथित हिरासत में बीते रविवार को हुई ऑटो ड्राइवर धर्मपाल यादव की मौत पर शुरू हुआ विवाद बढ़ता जा रहा है। पुलिस के बढ़ते विरोध के बीच पुलिस प्रशासन ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। मौत के इस मामले में पुलिस ने कनावनी चौकी प्रभारी रविंद्र कुमार व इस चौकी के 2 कॉन्स्टेबल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। साथ ही इस पूरे मामले की जांच के लिए एक जांच कमेटी का भी गठन कर दिया गया है। वहीं, इस मामले को लेकर मंगलवार को भी सैकड़ों ऑटो चालकों ने गाजियाबाद पुलिस मुख्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
बता दें कि, मूल रूप से जिला कासगंज के गांव नंगला बांस के रहने 25 वर्षीय धर्मपाल यादव गाजियाबाद के कनावनी गांव में अपने परिवार के साथ रहकर यहां पर ऑटो चलाने का कार्य करते थे। मृतक के बहनोई अरविंद यादव द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, धर्मपाल बीते रविवार रात करीब 10 बजे ऑटो लेकर घर आ रहा था। इसी दौरान रास्ते में एक साइकिल से ऑटो की टक्कर हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पहुंची कनावनी चौकी पुलिस धर्मपाल को अपने साथ ले गई। अरविंद के अनुसार चौकी के अंदर धर्मपाल की जमकर पिटाई की और रात डेढ़ बजे धर्मपाल को बेहोशी की अवस्था में परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इसके करीब 30 मिनट में ही धर्मपाल की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि धर्मपाल की मौत पुलिस की पिटाई से हुई है। घटना के बाद से ही हंगामा मचा है।
पुलिस कर रही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
गाजियाबाद डीसीपी दीक्षा शर्मा ने बताया कि, इस मामले में इंदिरापुरम थाने में कनावनी चौकी प्रभारी रविंद्र सिंह व दो कांस्टेबलों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इसके अलावा हॉस्पिटल इमरजेंसी की सीसीटीवी फुटेज भी जब्त की गई है। परिजनों का आरोप है कि इसके अंदर भी धर्मपाल को पीटा गया। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है, जो इस हादसे के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। अगर पुलिस कर्मी दोषी मिलते हैं तो उन पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी।
