Ghaziabad News: गाजियाबाद में विकास कार्यों में काफी तेजी लाई जा रही है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने हाल ही में बोर्ड बैठक के बीच जिले की सबसे ऊंची इमारतें बनाने के प्लान को मंजूरी दे दी है। ये इमारतें आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के दोनों तरफ बनाई जाएंगी। वहीं, आरआरटीएस कॉरिडोर के जोनल प्लान को भी स्वीकृति दे दी गई है। इस क्षेत्र में जीडीए एफएआर (अधिक फ्लोर एरिया रेशियो) बेच सकेगा। जीडीए के वीसी राकेश कुमार सिंह ने कहा है कि, जोनल प्लान के तहत आरआरटीएस कॉरिडोर के दोनों तरफ मिक्स लैंडयूज दी जाएगी। इससे सबसे बड़ा फायदा होगा कि, यहां पर पब्लिक को सबसे ऊंची गगनचुंबी इमारतें मिलेंगी, वहीं एक फायदा ये भी है कि, इससे आर्थिक स्थिति में और भी सुदृढ़ता आएगी।
योजना से क्या होंगे फायदे
बनेगा लॉजिस्टिक प्लान भी बनेगा
जीडीए की बोर्ड बैठक में एक और चीज पर चर्चा हुई। दरअसल, लोनी एरिया में एक सिटी लॉजिस्टिक पार्क भी बनाया जाएगा। ये पार्क उस ट्रैफिक को मैनेज करेगा जो नॉर्थ और वेस्ट की तरफ से आ रहा है। इसके अलावा एक और लॉजिस्टिक पार्क डासना में बनेगा, ये पार्क साउथ व ईस्ट से आने वाले ट्रैफिक को मैनेज करेगा। बता दें कि, पांच ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की बात और हो रही है जहां पर नॉर्थ, साउथ, ईस्ट और वेस्ट से आने वाले बड़े वाहनों के ठहरने का इंतजाम करेंगे।
लॉजिसिटक पार्क बनने के फायदे भी जानें
- शहरों में विकसित होगा फ्रेट का काम। जैसे- फूड डिलिवरी, माल ढुलाई, ट्रक रूट प्रबंधन
- शोर और ध्वनि प्रदूषण जैसी समस्याओं पर विराम
- उद्यमियों को अपना माल इधर से उधर भेजने में बहुत दिक्कतों का सामना नहीं होगा
- सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या से आराम
- सड़कों का चौड़ीकरण, रेलवे क्रॉसिंग पर पुलों का निर्माण,
हमारी सहयोगी वेबसासट नवभारत टाइम्स के मुताबिक, जीडीए के अधिकारियों ने बताया कि पहली बार जीडीए आरआरटीएस कॉरिडोर के किनारे मिक्स लैंडयूज के तहत सबसे अधिक एफएआर देगा। भूखंड का एफएआर अधिक होते ही वहां गगनचुंबी बिल्डिंगों का निर्माण किया जा सकता है। ये बात आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि, आपका कोई प्लाट अगर 4 हजार वर्ग मीटर का है तो जितना कम एरिया प्लाट नीचे कवर करेगा बिल्डिंग की ऊंचाई उतनी ही अधिक बढ़ती जाएगी।
