गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एक दंपत्ति ने साइबर फ्रॉड का शिकार होकर तीन करोड़ रुपये गंवा दिए। पीड़िता को निवेश का लालच दिया गया था, जिसमें वह फंस गई। पीड़िता नबनिता मिश्रा ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि उन्हें और उनके पति को फेसबुक विज्ञापन के जरिए फर्जी निवेश अवसर का लालच दिया गया। लालच में फंसकर उन्होंने अपने पैसे गंवा दिए।
तीन करोड़ रुपये गंवाए
शिकायत के अनुसार, नबनिता मिश्रा और उनके पति मृणाल मिश्रा ने इस साल जुलाई और अगस्त के बीच विभिन्न बैंक खातों में 3.1 करोड़ की राशि के 22 लेन-देन किए। स्कैम की शुरुआत फेसबुक विज्ञापन से हुई। विज्ञापन से जुड़ने के बाद, उन्हें एक निवेश प्लेटफॉर्म द्वारा कथित रूप से चलाए जा रहे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें उच्च रिटर्न का लालच दिया गया।
लालच देकर फंसाया
दंपत्ति ने दावा किया कि उन्होंने शुरुआत में निवेश से जुड़े सलाह के लिए 2,000 का मासिक सब्सक्रिप्शन दिया था। बाद में, उन्हें कंपनी द्वारा दिए गए विवरणों के आधार पर शेयरों और आईपीओ के लिए कई लेन-देन करने के लिए राजी किया गया। दंपत्ति को सेबी पंजीकरण का प्रामाणिक विवरण भी दिखाया गया, जिससे इसकी विश्वसनीयता और बढ़ गई।
इसी तरह पीड़िता इसके चक्कर में अपने पैसे गंवा दिए। नबनिता ने बताया कि वह कंपनी के आवेदन में अपने निवेश का विवरण और मुनाफ़ा देख सकती थी, लेकिन वह अपना पैसा नहीं निकाल पा रही थी। इसके बजाय उसे टैक्स चुकाने के लिए कहा गया। जब उसने दूसरे प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए आईपीओ में निवेश करने की कोशिश की, तो उसका शक और बढ़ गया।
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
जब उन्हें इस बात का पता चला तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आईटी अधिनियम की धारा 66 (डी) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 418 (4) (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच चल रही है।
