Ghaziabad: जब हम आईलैंड के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में भारत के तटीय शहर घूमने लगते हैं। दिल्ली-एनसीआर की ऊंची ऊंची इमारतों के बीच आईलैंड की कल्पना करना ही मुश्किल है, लेकिन यहां भी एक आईलैंड है। जिसे मिनी आईलैंड के नाम से भी बुलाया जाता है। हम बात कर रहे हैं गाजियाबाद के मसूरी क्षेत्र का। शहर से सटा यह क्षेत्र पहले गांव हुआ करता था, लेकिन विकास के दौड़ में शामिल होने के बाद यह भी शहर का हिस्सा बन गया है, लेकिन यहां की प्राकृति खूबसूरती आज भी बरकरार है। यही कारण है कि यह क्षेत्र पिकनिक मनाने वाले लोगों के लिए बेस्ट स्पॉट बन गया है।
नहरों से घिरा यह जगह अपनी प्राकृति छठ के कारण नेचर लवर्स के बीच खास स्थान बना चुका है। इस जगह की शांति शहर की भागदौड़ और नीरस भरी जीवन को नई तरंग देती है। यहां पर घूमने और पिकनिक मनाने के लिए वैसे तो कई खास जगहे हैं, लेकिन यहां बना एक मिनी आईलैंड दिल्ली-एनसीआर के पर्यटकों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय है। पर्यावरण से प्यार करने वाले एक इंजीनियर ने यहां पर 50 एकड़ बंजर जमीन को मिनी आईलैंड बनाकर इसे टूरिस्ट प्लेस के तौर पर विकसित कर दिया है।
3 साल में बनकर तैयार हुआ यह आईलैंड
इस बंजर जमीन को गाजियाबाद के इंजीनियर रजनीश कुमार ने मिनी झील के तौर पर विकसित किया है। रजनीश बताते हैं कि यहां पर जगह-जगह मौजूद तालाब सूख रहे थे और सरकार व प्रशासन भी इनकी देखरेख के लिए आगे नहीं आ रहा था। इसलिए मसूरी में इस बेकार पड़ी 50 एकड़ जमीन को सरकार से लीज पर लेकर इसे 3 साल में अपने पैसे से एक झील विकसित किया। इस झील में रजनीश पहले मछली पालन करते थे, लेकिन प्रशासन से परमिशन लेकर इस झील के बीच एक मिनी आईलैंड बनवाकर इसे टूरिस्ट प्लेस के तौर पर विकसित कर दिया। अब यहां पर आने वाले लोग वोटिंग से लेकर फिसिंग तक की मजा ले सकते हैं। आईलैंड पर ही पार्टी-फंक्शन करने के लिए भी व्यवस्था की गई। दिन में यहां पर पर्यटाकों की भीड़ लगी रहती है, लोग यहां पर अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाने पहुंचते हैं।
