गाजियाबाद

Ghaziabad News: बिल्डर के साथ तकरार, किसानों ने वेव सिटी के मेन गेट को घेरा; धरने पर बैठे

Ghaziabad News: गाजियाबाद में किसानों ने वेव सिटी के मेन गेट पर धरना दिया। किसानों ने बिल्डर के साथ जारी तकरार को देखते हुए धरना दिया है, क्योंकि आज यूपी के सीएम योगी गाजियाबाद आए हुए हैं। हालांकि, धरनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी है।

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सांकेतिक फोटो।

Photo : iStock

Ghaziabad News: गाजियाबाद में वेव सिटी बिल्डर के खिलाफ किसानों ने बुधवार को धरना शुरू कर दिया है। किसानों ने वेव सिटी के मेन गेट को घेरकर बंद कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। एक तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद के रामलीला ग्राउंड पहुंचे हुए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ किसानों के इस हंगामा से पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूले हुए हैं। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद है और किसानों को समझकर गेट खोलने की कोशिश की जा रही है।

सैकड़ों किसान दे रहे धरना

जानकारी के मुताबिक, वेव सिटी बिल्डर के खिलाफ लंबे समय से डेढ़ दर्जन गांवों के किसान आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन किसानों की समस्याओं का अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है, जिससे नाराज किसान बुधवार को वेव सिटी के गेट पर पहुंच गए और रोड जाम करके धरने पर बैठ गए।

वेव सिटी के मेन गेट को घेरा

भारतीय किसान संगठन व किसान संघर्ष समिति के बैनर तले कई गांवों के किसानों ने वेव सिटी के मेन गेट को घेर लिया है। किसानों के धरना प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। पुलिस के आला अधिकारी किसानों को समझाकर गेट से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि बिल्डर ने जो लिखित व मौखिक समझौते किए हैं, वो अब से लगभग आठ साल पहले लागू किए जाने थे, लेकिन आज तक उन समझौतों को बिल्डर द्वारा अमल में नहीं लाया गया। सरकार द्वारा बिल्डर को लाइसेंस देकर 20 साल से किसानों को बंधक बना कर रख दिया गया है।

किसानों का क्या है आरोप?

किसानों की जमीनों का उचित मुआवजा तय नहीं किया गया है। प्रभावित किसानों को घोषित आठ प्रतिशत प्लॉट नहीं दिए गए हैं। भूमिहीनों को घोषित फ्लैट या प्लॉट नहीं दिए गए। प्रभावित किसानों के परिवारों को रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिसकी वजह से गांवों का समग्र विकास नहीं हो पा रहा है। समझौते में सभी प्रभावित किसानों को शामिल नहीं किया गया। जब तक किसानों की सभी मांगे पूरी नहीं हो जाती हैं तब तक ये किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।

इनपुटः आईएएनएस

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

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