गाजियाबाद

Ghaziabad: मेट्रो से बेहद अलग होगी रैपिड रेल में यात्रियों की एंट्री-एग्जिट, टिकट के लिए करना होगा इस एप का इस्‍तेमाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 2, 2023, 11:20 AM IST

Ghaziabad: देश की पहली रैपिड रेल का संचालन मध्‍य जून से होगा। यह ट्रेन कई मामलों में खास होगी। इसमें सफर करने और टिकट लेने के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। इसका टिकट जहां पूरी तरह पेपर लैस होगा, वहीं इसमें एंट्री-एग्जिट भी मेट्रो ट्रेनों से अलग होगी। यात्रियों को सफर के लिए क्‍यूआर कोड दिए जाएंगे।

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स्‍टेशन पर खड़ी रैपिड रेल

KEY HIGHLIGHTS
  • जून मध्‍य तक रैपिड रेल संचालन शुरू होने की संभावना
  • ऐप के माध्‍यम से यात्रियों को मिलेगा क्‍यूआर कोड
  • बटन पुश करने के बाद होगी ट्रेन में एंट्री-एग्जिट

Ghaziabad: देश की पहली रैपिड रेल कई मामलों में बेहद खास होने वाली है। इस ट्रेन में सफर करने और टिकट पाने के लिए यात्रियों को लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। इसका टिकट जहां पूरी तरह पेपर लैस होगा, वहीं इसमें एंट्री-एग्जिट भी मेट्रो से अलग होगी। एनसीआरटीसी ने रैपिड रेल के टिकट के लिए एप्लीकेशन डिजाइन पर काम शुरू कर चुका है। इस खास एप से ऑनलाइन पेमेंट करने से यात्रियों को एक क्‍यूआर कोड दिया जाएगा। इस क्‍यूआर कोड को स्टेशन पर लगी मशीन के सामने स्कैन करना होगा। इसके बाद यात्री को प्‍लेटफार्म पर एंट्री मिलेगी। इसके अलावा रेगुलर यात्रियों के पास मेट्रो की तरह प्‍लास्टिक कार्ड बनवाने का ऑप्‍शन भी रहेगा।

एनसीआरटीसी अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की समीक्षा के लिए साहिबाबाद स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। एनसीआरटीसी के प्रवक्ता पुनीत वत्स ने बताया, स्‍टेशनों के निर्माण में देरी की वजह से मार्च माह में रैपिड रेल का प्रारंभिक खंड पर संचालन संभव नहीं है। साहिबाबाद से दुहाई स्‍टेशन के बीच रैपिड रेल का संचालन जून मध्‍य से हो सकता है। करीब 17 किलोमीटर के इस खंड पर स्थित पांचों स्टेशन पर निर्माण कार्य अब फिनिश होने की तरफ बढ़ रहा है। यहां अब प्‍लेटफार्म पर लाइट लगाने और स्क्रीन डोर लगाने का काम चल रहा है।

रैपिड ट्रेन के सभी कोचों के गेट नहीं खुलेंगे ऑटोमेटिक

रीजनल रैपिड रेल में यात्रियों की एंट्री-एग्जिट काफी अगल होगी। प्‍लेटफार्म पर आने वाली रैपिड ट्रेनों की सभी गेट मेट्रो ट्रेनों की तरह ऑटोमेटिक नहीं खुलेंगे। स्‍टेशन पर खड़े यात्रियों को ट्रेन में एंट्री-एग्जिट करने के लिए खुद बटन प्रेस करना होगा। यानि यात्री अपनी पसंद अनुसार जिस गेट पर बटन दबाएगा, वही गेट खुलेगा। बाकी के सभी गेट बंद रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, ऐसा इसलिए किया जा रहा है, जिससे रैपिड ट्रेन के कोचों में कम बिजली खपत में भी अच्‍छी कूलिंग बनी रहे। रैपिड ट्रेन के सभी कोच के गेट जब तक बंद नहीं होंगे, तब तक यह आगे आगे नहीं बढ़ेगी। एक रैपिड ट्रेन में छह कोच होंगे। इनमें से एक प्रीमियम कोच होगा। इसमें सवार होने वाले यात्रियों की एंट्री-एग्जिट भी बाकी यात्रियों से अगल होगा।
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