UP: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के कारण 11 जुलाई से दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग और गंगा नहर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 18 जुलाई से सभी प्रकार के वाहनों पर रोक रहेगी। अधिकारी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा विशेष रूप से कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगा।
कांवड़ यात्रा से पहले जिला प्रशासन ने बनाई डायवर्सन की योजना
मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के सुचारू और शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए वाहनों के लिए मार्ग परिवर्तन की विस्तृत योजना की घोषणा की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के अनुसार 11 जुलाई से दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग और गंगा नहर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी, जबकि 18 जुलाई से सभी प्रकार के वाहनों पर रोक रहेगी।
कांवड़ यात्रा के लिए किए गए विशेष प्रबंधन
कांवड़ यात्रा इस वर्ष 11 से 23 जुलाई तक रहेगी। अधिकारियों का अनुमान है कि इसमें लगभग पांच करोड़ श्रद्धालुओं के भाग ले सकते हैं। अधिकारी ने आगे बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिले को 18 जोन और 88 सेक्टर में विभाजित किया गया है। निगरानी के लिए यात्रा मार्गों पर 1,543 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ताकि सुरक्षा का खास ध्यान रखा जा सके। सीनियर एसपी ने बताया कि कांवड़ शिविरों के आयोजकों को अपने शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ सभी कार्यकर्ताओं के पास उचित पहचान पत्र रखने का निर्देश दिया गया है। ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कांवड़ यात्रा के लिए यूपी रोडवेज 60 विशेष बस चलाएगी
कांवड़ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए उत्तर प्रदेश रोडवेज द्वारा 60 स्पेशल बस चलाई जाएगी। इसके साथ ही राज्य स्वास्थ्य विभाग मुजफ्फरनगर जिले में 43 चिकित्सा शिविर स्थापित करेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बीमार या घायल तीर्थयात्रियों के लिए लगभग 100 बिस्तर आरक्षित किए गए हैं।
पुलिस उप महानिरीक्षक (सहारनपुर रेंज) (Deputy Inspector General of Police) अभिषेक ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों में प्रमुख नहरों के किनारे सभी प्रमुख स्नान स्थलों पर पुलिस, गोताखोरों को तैनात किया जाएगा। अधिकारियों ने नागरिकों और यात्रियों से सुरक्षित व दुर्घटना मुक्त यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था में सहयोग करने का आग्रह किया है।
(इनपुट - भाषा)
