Best Places to Visit Near Ghaziabad: गाजियाबाद से करीब 70 किलोमीटर दूर हापुड़ जिले के निकट स्थित गढ़मुक्तेश्वर एक धार्मिंक नगरी है। गंगा नदी के किनारे बसे इस शहर में हर समय धर्म की धारा बहती है। यह शहर गढ़वाल राजाओं की राजधानी था। यहां पर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान पर्व मनाया जाता है। इसे उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेला माना जाता है। इस प्राचीन शहर का जिक्र भागवत पुराण व महाभारत में भी किया गया है। महाभारत के अनुसार यह कुरु की राजधानी हस्तिनापुर का भाग था। इस शहर का इतिहास, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सुन्दरता यहां आने वाले पर्यटकों को खूब भाता है।
मुक्तेश्वर शिव का एक मंदिर और प्राचीन शिवलिंग कारखण्डेश्वर भी यहीं पर स्थित है। अगर आप नए साल पर अपने परिवार के साथ धार्मिक जगहों की यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं तो 'गढ़ मुक्तेश्वर' आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन बन सकता है।
गंगा मंदिर
गढ़मुक्तेश्वर का गंगा मंदिर देश के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। ब्रह्म देव को समर्पित इस मंदिर में ब्रह्मा जी की सफेद संगमरमर की बेहद शानदार मूर्ति स्थापित है। मंदिर में अंदर जाने के लिए 101 सीढ़िया मौजूद है। मंदिर की ऊंचाई से आप गढ़मुक्तेश्वर का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं।
मुक्तेश्वर महादेव मंदिर
भगवान शिव को समर्पित यहां का मुक्तेश्वर महादेव मंदिर भी प्राचीन मंदिरों में से एक है। धार्मिक मान्यता है कि यहां मौजूद शिवलिंग का निर्माण स्वयं भगवान परशुराम ने कराया था। जिसके बाद प्राचीन काल में ही यहां पर राजा शिव द्वारा मंदिर का निर्माण कराया गया। हिन्दू धर्म में इस मंदिर की बहुत ज्यादा मान्यता है।
मीराबाई की रेती
परिवार के साथ घूमने के लिए यह जगह भी बेहद शानदार है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मीरा बाई की रेती वहीं स्थान है जहां पर मीरा बाई भगवान कृष्ण की पूजा व भजन कीर्तन किया करती थी। मीरा बाई की रेती मुक्तेश्वर मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित है।
कल्पवृक्ष
हिन्दू धर्म में कल्पवृक्ष को बेहद पवित्र पौधा माना जाता है। यह शहर का एक प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट है। धार्मिक मान्यतों में कल्पवृक्ष को स्वर्ग के द्वार नाम से भी जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति इस वृक्ष के सामने माथा टेक कर मनोकामना मांगता है तो उसकी इच्छाएं जरूर पूरी होती है।
मिट्टी का किला
मिट्टी का किला भी गढ़मुक्तेश्वर का एक बेहद प्राचीन किला है। इस किले का निर्माण ब्रिटिश काल में गढ़मुक्तेश्वर को ब्रिटिश हमले से बचाने के लिए किया गया था। यह आज शहर का प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट बन चुका है।
