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'भगवान का अपना देश' से 'स्पाइस गार्डन ऑफ इंडिया' तक, पौराणिक काल से जुड़ा है भारत के इस राज्य का इतिहास

प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक माहौल और समृद्ध परंपराओं से सजा भारत का यह राज्य अपनी अलग पहचान रखता है। हरे-भरे जंगलों, शांत जलमार्गों और समुद्री तटों के बीच विकसित इसकी संस्कृति सदियों पुराने इतिहास की कहानी कहती है। मसालों की खुशबू, लोककथाओं और जीवंत त्योहारों के कारण यह स्थान देश-विदेश के लोगों को खास तौर पर आकर्षित करता है। ऐसे में आइए जानें इसके बारे में।

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भारत के इस राज्य की खासियत कर देगी हैरान

भारत का हर राज्य अपनी अनूठी संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहर के लिए जाना जाता है। इन्हीं में से एक ऐसा राज्य भी है, जिसे उसकी प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक वातावरण और समृद्ध मसाला उत्पादन के कारण “भगवान का अपना देश” और “स्पाइस गार्डन ऑफ इंडिया” कहा जाता है। हरे-भरे जंगलों, शांत बैकवॉटर, मनमोहक पहाड़ियों और विस्तृत समुद्री तटों से सजा यह प्रदेश सदियों से व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र रहा है। माना जाता है कि इसका इतिहास पौराणिक काल से जुड़ा हुआ है, जहां अनेक धार्मिक मान्यताएं और लोककथाएं आज भी जीवंत रूप में सुनाई देती हैं। यहां की पारंपरिक कला, नृत्य, शिक्षा, आयुर्वेदिक उपचार पद्धति और स्वादिष्ट व्यंजन देश-विदेश के लोगों को खासतौर से आकर्षित करते हैं। विविध त्योहारों और लोक परंपराओं से समृद्ध यह राज्य प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। ऐसे में आइए जानें इस राज्य के बारे में।

भगवान का अपना देश (God's Own Country)

आपको बता दें कि, केरल (Kerala) जिसे अब केरलम (Keralam) कहा जाता है, को "भगवान का अपना देश" (God's Own Country) कहा जाता है। यह नाम अपनी बेमिसाल प्राकृतिक सुंदरता, शांत बैकवाटर्स, हरियाली, नारियल के पेड़ों, आयुर्वेदिक उपचार और समृद्ध संस्कृति के कारण इस दक्षिण भारतीय राज्य को दिया गया है, जो यहां आने वाले लोगों के लिए स्वर्ग समान है। "भगवान का अपना देश" (God's Own Country) को सबसे पहले 1980 के दशक में केरल टूरिज्म के क्रिएटिव डायरेक्टर वाल्टर मेंडेज (Walter Mendez) ने एक सफल टूरिज्म कैंपेन के जरिए शुरू किया था। इस कैंपेन का मकसद केरल की प्राकृतिक और सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ावा देना था।

Meet God's Own Country and Spice Garden of India (Photo: Canva)

मिलिए God's Own Country और Spice Garden of India से (फोटो: Canva)

स्पाइस गार्डन ऑफ इंडिया (Spice Garden of India)

अब बात अगर केरल की एक और पहचान की करें तो, दक्षिण भारत के इस राज्य को स्पाइस गार्डन ऑफ इंडिया (Spice Garden of India) भी कहा जाता है। इसके पीछे की दिलचस्प वजह यह है कि, पुराने दौर से ही केरल अरब, चीन और यूरोपीय व्यापारियों के लिए मसालों का मुख्य केंद्र रहा है। केरल भारत में मसालों के एक बड़े हिस्से का उत्पादन करता है। यहां के इडुक्की और वायनाड जिले विशेष रूप से मसालों के बागानों के लिए प्रसिद्ध हैं। पश्चिमी घाट की उपजाऊ ढलानें और उष्णकटिबंधीय जलवायु मसालों की खेती के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। बता दें कि, यहां न सिर्फ काली मिर्च और इलायची, बल्कि लौंग, दालचीनी, अदरक और जायफल जैसे कई मसाले बड़ी मात्रा में उगाए जाते हैं।

पौराणिक काल से जुड़ा राज्य?

केरल पौराणिक काल और समृद्ध पौराणिक कथाओं से गहरा जुड़ा हुआ राज्य है। इसे भगवान परशुराम की भूमि माना जाता है, जिन्होंने भगवान विष्णु के अवतार के रूप में अपनी कुल्हाड़ी समुद्र में फेंककर केरल को समुद्र से वापस पाया था। इसे इस नाते भी 'भगवान का अपना देश' (God's Own Country) कहा जाता है और यह राजा महाबली की लोककथाओं से भी जुड़ा है। राजा महाबली की याद में 'ओणम' (Onam) का त्योहार मनाया जाता है। केरल का उल्लेख रामायण और महाभारत जैसे प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है।

केरल विधानसभा चुनाव 2026 (Kerala Assembly Election 2026)

केरल में इन दिनों आगामी विधानसभा (Assembly Elections 2026) की तैयारियां जोरों पर हैं। केरल विधानसभा के 140 सदस्यों को चुनने के लिए 9 अप्रैल 2026 को केरल विधानसभा चुनाव (Kerala Assembly Election 2026) होने हैं। वोटों की गिनती के साथ नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही, यह भारत का सर्वोच्च साक्षरता दर वाला राज्य है और यहां महिला-पुरुष अनुपात तथा जीवन प्रत्याशा दर (Life Expectancy Rate) सबसे अच्छी है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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