चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। इसी कड़ी में अमृतपाल सिंह से जुड़े अकाली दल वारिस पंजाब दे में पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह और पंजाब पुलिस के पूर्व DSP बलविंदर सिंह सेखों शामिल हो गए हैं। दोनों ने बुधवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पार्टी की सदस्यता ली। इस दौरान सांसद सरबजीत सिंह खालसा, विधायक मनप्रीत सिंह अयाली और अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे।
निरंजन सिंह ED में अपने कार्यकाल के दौरान कई चर्चित मामलों की जांच से जुड़े रहे हैं। इनमें जगदीश भोला से संबंधित ड्रग तस्करी मामले की जांच भी शामिल रही। उन्होंने इस मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया समेत कई लोगों से पूछताछ की थी। सिंह का मई 2021 में ED से रिटायरमेंट हुआ था।
'राजनीति में आने का विचार नहीं था'
पार्टी में शामिल होने के बाद निरंजन सिंह ने कहा कि राजनीति में आने का उनका पहले कोई विचार नहीं था। उन्होंने पंजाब में नशे और भ्रष्टाचार को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इन समस्याओं के खिलाफ काम करने की जरूरत है।
उन्होंने दावा किया कि पंजाब में नशे की समस्या को खत्म करने के लिए लगातार वादे किए गए, लेकिन समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वारिस पंजाब दे लंबे समय से ड्रग्स के मुद्दे पर काम करने की बात करता रहा है और इस अभियान के लिए व्यापक समर्थन की जरूरत है।
निरंजन सिंह ने यह भी कहा कि वह पार्टी में किसी निजी हित के लिए नहीं आए हैं और नशे तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका संगठन किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं होना चाहिए और सभी लोगों को साथ लेकर चलने की जरूरत है।
मजीठिया केस को लेकर भी किया दावा
निरंजन सिंह ने बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े ड्रग मामले की जांच का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय ED के तीन निदेशकों ने उन्हें जांच आगे बढ़ाने से रोका था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने सरकार को पत्र भी लिखे थे। उन्होंने ED के कामकाज को लेकर भी अपनी राय रखी और कहा कि अलग-अलग सरकारों पर केंद्रीय जांच एजेंसी के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ये उनके व्यक्तिगत दावे और आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
वारिस पंजाब दे में पहले भी कई नेता जुड़े
अकाली दल वारिस पंजाब दे ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच संगठन का विस्तार किया है। जून 2026 में दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली इस संगठन में शामिल हुए थे। इसके बाद पूर्व SAD विधायक दर्शन सिंह शिवालिक समेत अन्य लोग भी इससे जुड़े।
वहीं, अगस्त 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक अकाली दल वारिस पंजाब दे ने विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज की थीं, हालांकि उस समय तक चुनाव आयोग से पार्टी का औपचारिक पंजीकरण और चुनाव चिह्न मिलने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। निरंजन सिंह और बलविंदर सिंह सेखों के पार्टी में शामिल होने को पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले संगठन के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों ने पंजाब में नशे और भ्रष्टाचार समेत विभिन्न मुद्दों पर काम करने की बात कही है।,
