Jharkhand News: झारखंड के गिरिडीह जिले में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित लगभग 100 भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई आगामी निकाय चुनावों के मद्देनज़र की गई है। पुलिस के अनुसार, शनिवार रात उड़नदस्ता टीम ने मामला दर्ज किया। आरोप है कि चुनाव प्रचार समाप्त होने का निर्धारित समय शाम पांच बजे के बाद मरांडी नगर थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे। गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव ने बताया कि शनिवार शाम नगर थाने में आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
48 शहरी स्थानीय निकायों में प्रभावी
थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत मिलने के बाद बाबूलाल मरांडी और करीब 100 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। अधिकारी के अनुसार, एफआईआर में उल्लेख है कि चुनाव प्रचार की समय-सीमा समाप्त होने के बावजूद मरांडी कथित रूप से बैठक कर रहे थे। राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि झारखंड नगरपालिका चुनाव एवं चुनाव याचिका नियम, 2012 के नियम 127 तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के प्रावधानों के अनुसार, मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की सभा आयोजित नहीं कर सकता और न ही उसमें भाग ले सकता है। उन्होंने बताया कि यह प्रतिबंध शनिवार शाम पांच बजे से राज्य के 48 शहरी स्थानीय निकायों में प्रभावी हो गया।
बाबूलाल मरांडी ने क्या कहा?
घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी की झारखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने पत्रकारों से कहा कि वह रात के समय भोजन करने के लिए होटल के रेस्तरां में गए थे। उन्होंने कहा, “आप जानते हैं, जब भी कोई नेता कहीं खाना खाने जाता है चाहे वह होटल हो या किसी का घर लोग स्वाभाविक रूप से वहां एकत्र हो जाते हैं।” उल्लेखनीय है कि निकाय चुनाव 23 फरवरी को प्रस्तावित हैं, जबकि मतों की गिनती 27 फरवरी को की जाएगी।
गिरिडीह जिला अध्यक्ष ने भी दी प्रतिक्रिया
इस बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा के गिरिडीह जिला अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि मरांडी निकाय चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से चुनाव नियमों का उल्लंघन करते हुए बैठक कर रहे थे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने गिरिडीह प्रशासन से मांग की है कि मरांडी को निर्धारित चुनाव क्षेत्र छोड़ने का निर्देश दिया जाए। गौरतलब है कि झारखंड में शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते, हालांकि प्रत्याशियों को विभिन्न संगठनों का समर्थन प्राप्त रहता है।
