फरीदाबाद

Surajkund Mela 2024: राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी सूरजकुंड मेले का शुभारंभ, जानें कब आयोजित होगा ऐतिहासिक हस्तशिल्प फेयर

Surajkund Mela 2024: हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित होने वाले सूरजकुंड मेले का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। इससे पूर्व भी कई राष्ट्रपति इस मेले का शुभारंभ कर चुके हैं।

Image

सूरज कुंड मेला

फरीदाबाद: देश के मशहूर मेलों में शुमार सूरजकुंड मेले का आयोजन 2 फरवरी से होगा। इस ऐतिहासिक हस्तशिल्प मेले का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों किया जाएगा। इसके संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें इस खास मौके का साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया है। 37 साल के इतिहास में चौथा मौका है, जब कोई राष्ट्रपति इस मेले का शुभारंभ करेंगी।

राष्ट्रपति ने स्वीकारा मुख्यमंत्री का न्यौता

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि राष्ट्रपति ने उनका निमंत्रण स्वीकार करते हुए मेले का उद्घाटन करने के लिए 2 फरवरी को सूरजकुंड में आएंगी। 37 वर्षों में चौथे राष्ट्रपति इस मेले का उद्घाटन करेंगी। इससे पहले राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी इस ऐतिहासिक मेले का उद्घाटन कर चुके हैं।

ऐसे ऐतिहासिक बना मेला

दरअसल, साल 2007 में हरियाणा की तत्कालीन पर्यटन मंत्री किरण चौधरी और पर्यटन निगम की पूर्व एमडी डॉ. केशनी आनंद ने इस मेले का आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर का करना शुरू किया था। इस मेले में पहली बार सार्क देशों के हस्तशल्पियों और लोक कलाकारों ने भाग लिया था। हिंदुस्तान में छपी खबर के मुताबिक, साल 2007 में यूपीए की अध्यक्षा सोनिया गांधी ने इस मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद से मेले का आयोजन प्रतिवर्ष बड़ा होता गया। पिछले 16 वर्षों में तीन बार राष्ट्रपति, दो बार उपराष्ट्रपति, एक बार लोकसभा अध्यक्ष, चार बार केंद्रीय मंत्री और अन्य वर्षों में विभिन्न मुख्यमंत्रियों ने मेले का उद्घाटन किया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article