Best Places to Visit Near Faridabad: फरीदाबाद से करीब 80 किमी दूर स्थित रोहतक को “द हार्ट ऑफ हरियाणा” भी कहा जाता है। यह शहर ऐतिहासिक होने के साथ प्राचीन भी है। इतिहास के अनुसार, यह शहर सिंधु घाटी सभ्यता के समय से अस्तित्व में है। जिसकी वजह से यह शहर इतिहास और भूगोल के जिज्ञासू लोगों में आकर्षण का केंद्र बना रहता है। रोहतक का इतिहास काफी लंबा-चौड़ा है और इसकी जड़े उजड़े हुए खंडहरों में बसती हैं। यह शहर हरियाणा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां पर आपको कई प्रसिद्ध मंदिर और खूबसूरत झीलें भी देखने का मिल जाएंगी जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। अगर आप रोहतक घूमने आ रहे हैं तो आप इन पांच जगहों पर घूमने आ सकते हैं।
अस्थल बोहर मठ
रोहतक से करीब 7 किमी दूर अस्थल बोहर में एक प्रसिद्ध मठ मौजूद है, जो गुरु गोरख नाथ के अनुयायियों का प्रमुख आश्रय है। यह मठ प्राचीन भारत की खोजों, पुस्तकों और अवशेषों से पटा पड़ा है। यह जगह विशेषकर इतिहास प्रेमियों के घूमने के लिए बहुत ही शानदार है। पौराणिक कथा के अनुसार, सियालकोट के गरीब भगत और गुरु गोरखनाथ के शिष्य ने अस्थल बोहर मठ की स्थापना की थी। यह मठ वर्तमान में एक टूरिस्ट स्पॉट बन चुका है।महम
रोहतक जिले में स्थित महम एक छोटा सा शहर और प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है। महम खासतौर पर अपने पुरातात्विक स्थलों के लिए जाना जाता है। इस शहर ने सिंधु घाटी सभ्यता के अस्तित्व को आज भी संरक्षित कर रखा है। यही वजह महम आने वाले लोगों में देश-विदेश के पर्यटक शामिल हैं। महम में आपको कई प्राचीन मंदिर, मस्जिदें और मकबरे भी देखने का मिल जाएंगे। यह शहर हिंदू विरासत और इस्लामी वास्तुकला की ऐतिहासिक झलक देता है।
भिंडावास झील
रोहतक में घूमने के लिए सबसे आकर्षक जगहों में से एक मानव निर्मित भिंडावास झील भी है। यह एक पक्षी अभयारण्य भी है। इस झील के किनारे आप कई देशी-विदेशी पक्षियों के दीदार कर सकते हैं। विभिन्न पक्षीय प्रजातियों के साथ झील के आसपास का शांत वातावरण और सुखद मौसम इसे पर्यटकों के लिए शानदार बनाता है। यह खूबसूरत झील स्थानीय लोगों के बीच भी काफी लोकप्रिय है। यहां आप फैमली और बच्चों के साथ घूमने आ सकते हैं।
दुर्गा भवन मंदिर रोहतक
दुर्गा भवन मंदिर रोहतक का प्रमुख मंदिर है। यहां पर स्थानीय भक्तों के अलावा दूसरे राज्यों के लोग भी आते हैं। इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान लाखों पर्यटकों की भीड़ देखी जाती है। मान्यता के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना 1600 ई.वी में हुई थी। यह मंदिर अपनी भव्यता के कारण पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है।
तिलयार झील
करीब 20 एकड़ में फैली तिलयार झील बेहद खूबसूरत है। इस झील के चारों तरफ हरी भरी हरियाली है। जिस वजह से झील के किनारों पर हर समय पक्षियों को बड़ी संख्या मौजूद रहती है। यहां पर आने वाले लोग बोटिंग, एंगलिंग और कयाकिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। इस वजह से यह जगह फैमली या फ्रेंड्स के साथ घूमने के लिए शानदार बन जाती है।
