फरीदाबाद

फरीदाबाद में 3 घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा मासूम, चिल्लाते-चिल्लाते जब थक गया तो वहीं करने लगा होमवर्क

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Aug 21, 2023, 10:10 AM IST

इस घटना के समय मासूम बच्चे ने अपना धैर्य नहीं खोया, जब लोगों ने उसकी आवाज नहीं सुनी और मदद नहीं मिली तो वो लिफ्ट में ही बैठ गया। अपना स्कूल का होमवर्क करने लगा। बच्चा वहीं लिफ्ट में बैठा रहा।

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फरीदाबाद में लिफ्ट में फंसा बच्चा

फरीदाबाद की एक सोसाइटी की लिफ्ट में आट साल का बच्चा घंटों तक फंसा रहा, चिल्लाता रहा, लेकिन उसे कोई बचाने नहीं पहुंचा। हालांकि बच्चे ने खुद की सूझबूझ और धैर्य से अपने आप को बचा लिया। करीब 3 घंटे बाद जब लोगों को पता चला कि वो लिफ्ट में है तो किसी तरह से उसे वहां से निकाला गया।

कहां का है मामला

घटना ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-86 की है। यहां ओमेक्स हाईट सोसायटी में जब एक आठ साल का बच्चा ट्यूशन पढ़ने जा रहा था, तभी वो लिफ्ट में फंस गया। मिली जानकारी के अनुसार बच्चे ने जैसे ही लिफ्ट का बटन दबाया, लिफ्ट दूसरे फ्लोर पर जाकर अटक गई। जिसके बाद बच्चा चिल्लाने लगा, गार्ड को पुकारने लगा, लेकिन किसी ने उसकी पुकार नहीं सुनी।

धैर्य ने बचाई जान

इस घटना के समय मासूम बच्चे ने अपना धैर्य नहीं खोया, जब लोगों ने उसकी आवाज नहीं सुनी और मदद नहीं मिली तो वो लिफ्ट में ही बैठ गया। अपना स्कूल का होमवर्क करने लगा। बच्चा वहीं लिफ्ट में बैठा रहा।

कैसे चला पता

बच्चा जब ट्यूशन क्लास में नहीं पहुंचा तो वहां से टीचर का मां के पास फोन आया। जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि बच्चे को निकले हुए एक घंटे से ज्यादा का समय हो चुका था। उसकी तलाश शुरू हुई। हर जगह तलाशा गया लेकिन बच्चा नहीं मिला। बाद में जब लिफ्ट में तलाश की गई तो बच्चे ने वहां से आवाज देकर सबको बताया कि वो वहां फंसा है। इसके बाद किसी तरह से बच्चे को वहां से निकाला गया। इस घटना को लेकर सोसाइटी के AOA पर लोग सवाल उठा रहा है। आरोप है कि लिफ्ट का कई सालों से मेंटेनेंस नहीं हुआ है। कैमरे भी नहीं लगाए गए, जिससे लिफ्ट के अंदर की घटना का पता चल पाता।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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