फरीदाबाद

Faridabad: होली पर दूध खरीदें संभलकर, हो रही है मिलावल, 27 प्रतिशत से ज्यादा नमून फेल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 1, 2023, 04:03 PM IST

Faridabad: फरीदाबाद में दूध के अंदर जमकर मिलावट हो रही है। यहां पर पिछले एक साल में दूध के 254 नमूने लिए गए। इसमें से 70 नमून फेल हो गया। दूध में सबसे ज्‍यादा डिटर्जेंट का मिलावट किया जा रहा है। होली पर इस मिलावट को रोकने के लिए इस बार पांच टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार छापेमारी कर रही।

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दूध में मिलावट (प्रतीकात्मक तस्वीर)

KEY HIGHLIGHTS
  • बीते साल अप्रैल से इस साल जनवरी तक लिए गए 254 नमून
  • दूध के 70 नमूने हुए फेल, ज्‍यदातर में डिटर्जेंट का मिलावट
  • होली पर मिलावट रोकने के लिए पांच टीमें गठित


Faridabad: त्‍योहारी दिनों में दूध और इससे जुड़े खाद्य पदार्थों की डिमांड बढ़ जाती है। इसके साथ ही इनमें मिलावट का खेल भी शुरू हो जाता है, लेकिन स्मार्ट सिटी में दूध में मिलावट का खेल पूरे साल होता है। यहां पर पिछले एक साल में लिए गए 254 नमूने में से 70 नमून फेल पाए गए हैं। मतलब 27.5 प्रतिशत दूध के नमूनों में किस न किसी तरह का मिलावट पाया गया है। इनमें से दूध के कई नमूनों में स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरनाक समझे जाने वाले केमिकल का यूज किया गया था। ऐसे में अगर आप होली त्‍योहार के लिए दूध खरीदने जा रहे हैं तो दूध की गुणवत्ता का अच्छी तरह जांच जरूर कर लें।

बता दें कि फरीदाबाद में अलग-अलग ब्रांड के दूध के अलावा रोजाना लाखों लीटर दूध गांवों से भी आता है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग समय-समय पर इन दूधों की जांच करता रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल 2022 के लेकर इस साल जनवरी माह तक जिले के अलग-अलग हिस्‍सों से दूध के 254 नमूने लिए हुए थे। जांच के दौरान इनमें से 70 नमून फेल पाए गए। इस जांच रिपोर्ट से समझा जा सकता है कि जिले में खपाया जा रहे करीब-करीब एक तिहाई दूध में मिलावट की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार दूध के नमूने फेल होने की सबसे बड़ी वजह इसमें डिटर्जेंट का मिलावट होना रहा। इसे सेहत के लिए बेहद खराब माना जाता है।

त्योहार पर बढ़ जाती है मांग, होली पर होती है जमकर मिलावट

बता दें कि, गांवों में पशुओं की संख्या में लगातार गिरावट हो रही है, लेकिन दूध की डिमांड बढ़ती जा रही है। त्योहार के मौके पर इसमें कई गुना उछाल आ जाता है। ऐसे में दूध की जरूरत को या तो पलवल और नूंह जैसे जिलों से पूरी की जाती है या फिर मिलावट से। जानकारों के अनुसार त्योहार के मौके पर बढ़ी हुई मांग को देखते हुए जमकर सिंथेटिक दूध तैयार किया जाता है। इसे रोकने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग लगातार कार्रवाई करता है। इस बार भी होली पर इस मिलावटखोरी को रोकने के लिए पांच टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार छापेमारी कर रही हैं।
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