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70 साल में बदली ED की रणनीति, साइबर-क्रिप्टो अपराधियों पर सख्ती तेज; केस बढ़े, सजा दर भी ऊंची

ईडी के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर निदेशक राहुल नवीन ने बताया कि एजेंसी अब साइबर फ्रॉड, क्रिप्टो, ड्रग्स और आतंक फंडिंग जैसे अपराधों पर फोकस कर रही है। वर्ष 2025-26 में 812 केस दर्ज किए गए और 94% सजा दर रही।

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ED Day पर निदेशक का बयान, साइबर फ्रॉड, क्रिप्टो और आतंक फंडिंग बने बड़ी चुनौती

Photo : Times Now Digital

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के डायरेक्टर राहुल नवीन ने ईडी के स्थापना दिवस पर बड़ी उपलब्धियों और बदलती कार्यशैली का जिक्र करते हुए बताया कि अब एजेंसी पारंपरिक बैंक फ्रॉड से आगे बढ़कर साइबर क्राइम, क्रिप्टो फ्रॉड, ड्रग्स तस्करी और आतंक फंडिंग जैसे मामलों पर ज्यादा फोकस कर रही है।ईडी के निदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि 1 मई 1956 को बनी यह एजेंसी आज 70 साल पूरे कर चुकी है और इस दौरान देश की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

काम करने का तरीका बदला, नए अपराधों पर फोकस

पहले जहां एजेंसी का ध्यान बैंक घोटालों और रियल एस्टेट फ्रॉड पर ज्यादा था, वहीं अब अपराध का स्वरूप बदल गया है। आजकल साइबर ठगी, क्रिप्टोकरेंसी के जरिए धोखाधड़ी, आतंकियों की फंडिंग और ड्रग्स नेटवर्क जैसे मामलों में तेजी आई है। ईडी ने भी अपनी रणनीति बदलते हुए इन मामलों में आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने पर जोर दिया है।

रिकॉर्ड केस और 94% सजा दर

ईडी के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में एजेंसी ने 812 प्रॉसिक्यूशन शिकायतें दर्ज कीं, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी हैं। खास बात यह है कि एजेंसी की सजा दर (conviction rate) 94% बताई गई है, जो काफी ज्यादा मानी जाती है।

81 हजार करोड़ की संपत्ति जब्त

ईडी ने बताया कि पिछले एक साल में 81,422 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई है, जो पिछले साल से 170% ज्यादा है। अब तक कुल 2.36 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि कानून में बदलाव के बाद ट्रायल खत्म होने का इंतजार किए बिना पीड़ितों को पैसा लौटाने की प्रक्रिया तेज हुई है। अब तक 63,142 करोड़ रुपये बैंकों, निवेशकों और होमबायर्स को वापस दिलाए जा चुके हैं।

भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर भी कार्रवाई

फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट के तहत अब तक 54 लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है, जिनमें से 21 को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। इनसे जुड़े 2,178 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। ईडी ने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभा रहा है। 2026 में भारत एशिया-पैसिफिक नेटवर्क की मीटिंग होस्ट करेगा और BRICS देशों के एसेट रिकवरी नेटवर्क में भी बड़ी जिम्मेदारी निभाएगा।

पारदर्शिता के लिए नए कदम

एजेंसी ने अपने काम में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए QR कोड आधारित सिस्टम शुरू किया है, जिससे फर्जी समन (summons) पर रोक लगेगी। साथ ही जांच प्रक्रिया को और व्यवस्थित किया गया है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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