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गजब है भई! हाथी का मल-मूत्र भगाएगा भेड़िये, आदमखोर जानवरों से बचने के लिए निकाली नई तरकीब

उत्तर प्रदेश के बहराइच में पांच बच्चों को मारकर दहशत फैलाने वाले भेड़ियों को दूर भगाने के लिए वन विभाग हाथियों के मल और मूल की गंध का इस्तेमाल करेगा।

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(प्रतिकात्मक फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

बहराइच: जिले की महसी तहसील के कई गांवों में पांच बच्चों को मारकर दहशत फैलाने वाले हमलावर भेड़ियों को ग्रामीण इलाकों से दूर भगाने के लिए वन विभाग के विशेषज्ञ कतर्नियाघाट जंगल के हाथियों के मल और मूल की गंध का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। भेड़ियों को पकड़ने के लिए विशेष रूप से बाराबंकी के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) आकाशदीप बधावन को जिम्‍मेदारी दी गयी है। बधावन ने कहा कि हाई फ्रीक्वेंसी ड्रोन कैमरों से छह भेड़ियों को चिन्हित किया गया था जिनमें से तीन भेड़िए पहले ही पकड़े जा चुके हैं और बचे हुए तीन भेड़ियों को पकड़ने की कवायद जारी है।

भेड़िए झुंड में शिकार करते हैं

डीएफओ ने कहा हमारा पहला मकसद इन भेड़ियों से गांव के लोगों को सुरक्षित करना है। इसके लिए हमने पहले इन्हें रिहायशी बस्तियों से दूर ले जाने की रणनीति बनाई है और कतर्नियाघाट जंगल से हाथियों का मल और मूल मंगवाकर इसे गांवों के बाहर जगह-जगह छोड़ा जा रहा है। इससे भेड़ियों को हाथी की मौजूदगी का भ्रम होगा। भेड़िए झुंड में शिकार करते हैं और इन्हें पैक हंटर्स कहा जाता है, लेकिन वह दूसरे बड़े जानवर खासतौर पर हाथी जैसे बड़े जानवरों से बचते भी हैं। हम इस गंध से हाथियों की मौजूदगी का भ्रम बनाकर इन्हें रिहायशी इलाकों से दूर सुनसान स्थान पर ले जाने की कोशिश में हैं। इन सुनसान इलाकों में हमने चारे के रूप में बकरी इत्यादि लगाकर पिंजरे लगाए हैं। ड्रोन की मदद से भेड़ियों की निगरानी कर रिहायशी बस्ती से बाहर रोका जा रहा है। बहुत जल्द हम शेष हमलावर भेड़ियों को पकड़ने में कामयाब होंगे।

भेड़ियों के हमलों से ग्रामीण खौफजदा

बहराइच के प्रभागीय वनाधिकारी अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि महसी तहसील के दो दर्जन गांवों में मार्च माह से घूम रहे आधा दर्जन भेड़ियों के हमलों से ग्रामीण खौफजदा हैं। बीते 40 दिनों में करीब तीन दर्जन बार इन भेड़ियों ने ग्रामीणों पर हमला कर पांच बच्चों को मार डाला है, जबकि 30 से अधिक ग्रामीण व बच्चे भेड़ियों व अन्य जानवरों के हमलों से घायल हुए हैं। प्रभावित गांवों में पुलिस, प्रशासन, वन विभाग व गांव वासियों की टीमें अलग-अलग टोलियों में दिन रात गश्त लगा रहे हैं।

क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक सुरेश्वर सिंह भी दो रात से रात्रि गश्त में शामिल होकर व गांव- गांव चौपालें लगाकर लोगों का हौसला बढ़ा रहे हैं और बच्चों को घर के भीतर सोने व ग्रामीणों को टोलियों में गश्त करने की सलाह दे रहे हैं। प्रदेश की मुख्य वन संरक्षक-मध्य क्षेत्र रेणु सिंह ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर ग्रामीणों का हौसला बढ़ाया और वन विभाग के अधिकारियों को बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

(इनपुट-आईएनएस)

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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