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रेलवे में बड़े फर्जीवाड़े पर ED का बड़ा एक्शन, 13.48 करोड़ की संपत्ति जब्त

ED का कहना है कि यह रकम पूरे मामले में सामने आए अवैध कमाई (Proceeds of Crime) के बराबर है। यानी जांच में जितनी भी गैरकानूनी कमाई सामने आई थी, उसे पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया है।

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प्रवर्तन निदेशालय यानी ED के जयपुर जोनल ऑफिस ने भारतीय रेलवे के साथ हुए एक बड़े धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने 13.48 करोड़ रुपये की एक अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA), 2002 के तहत की गई है। यह मामला विनायक लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, विनायक लॉजिस्टिक्स और उसके मालिक/डायरेक्टर प्रवेश काबरा से जुड़ा है। इन पर रेलवे के साथ सुनियोजित और बड़े स्तर पर धोखाधड़ी करने का आरोप है।

इस नई जब्ती के बाद, इस केस में अब तक कुल 16.15 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। ED का कहना है कि यह रकम पूरे मामले में सामने आए अवैध कमाई (Proceeds of Crime) के बराबर है। यानी जांच में जितनी भी गैरकानूनी कमाई सामने आई थी, उसे पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया है।

कैसे हुआ घोटाला?

ED की जांच में पता चला कि साल 2021–2022 के दौरान आरोपियों ने रेलवे को चूना लगाने के लिए माल की गलत जानकारी दी।

उन्होंने महंगे भाड़े वाले माल जैसे —

• मार्बल पाउडर

• वेस्ट मार्बल पाउडर

• डोलोमाइट

को सस्ते भाड़े वाले माल जैसे —

• एलम पाउडर

• पुट्टी

बताकर रेलवे में बुक कराया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि कम भाड़ा देना पड़े। आरोप है कि आरोपियों ने 120 से ज्यादा रेलवे रेक गलत दस्तावेजों, फर्जी फॉरवर्डिंग नोट्स और गलत HSN कोड का इस्तेमाल करके भेजे।

वैज्ञानिक जांच से खुली पोल

भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग (Geological Survey of India) की जांच में साफ हो गया कि जो माल सस्ते भाड़े का बताया गया था, वह असल में मार्बल और डोलोमाइट पाउडर था। इस धोखाधड़ी की वजह से रेलवे और सरकार को फ्रेट चार्ज और GST में भारी नुकसान हुआ और आरोपियों ने करीब 16.15 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।

पहले भी हो चुकी है जब्ती

ED ने इससे पहले 6 जनवरी 2026 को 2.67 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की थीं, जो हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित कमर्शियल प्रॉपर्टी थीं।

लेकिन आगे की जांच में सामने आया कि बाकी की 13.48 करोड़ रुपये की रकम आरोपियों ने अपने कारोबार और निजी खर्चों में खपा दी थी, जिससे उस पैसे का सीधा पता लगाना मुश्किल हो गया। बाकी बची अवैध कमाई को सुरक्षित करने और आगे चलकर संपत्ति जब्ती की कार्रवाई को नाकाम होने से बचाने के लिए ED ने गुरुग्राम स्थित एक रिहायशी मकान को 13.48 करोड़ रुपये के बराबर मूल्य की संपत्ति मानते हुए जब्त किया है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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