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SIR के बाद यूपी में मसौदा सूची जारी; 12 करोड़ 55 लाख से ज्यादा वोटर, वेबसाइट पर भी कर सकते हैं चेक

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सांकेतिक तस्वीर | PTI

Photo : PTI

उत्तर प्रदेश में एकआईआर के बाद मतदाताओं की मसौदा लिस्ट जारी कर दी गई है। निर्वाचन आयोग ने इस बारे में जानकारी दी। आयोग ने बताया कि सभी राजनैतिक दलों के साथ बैठक कर उन्हें भी मसौदा सूची मुहैया करा दी गई है। आयोग ने यह भी बताया कि लिस्ट को चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है।

आयोग के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी। 4 नवंबर से गणना चरण प्रारंभ हुआ, इस दौरान राज्य की मतदाता सूची को अस्थायी रूप से ‘फ्रीज’ कर दिया गया था। एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान घर-घर जाकर गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) वितरित किए गए। एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया, फिर 11 दिसंबर को 15 दिन का और विस्तार मिला। पूरी कार्यवाही 26 दिसंबर 2025 को संपन्न हुई।

पहले चरण के बाद 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कटे

आंकड़ों के मुताबिक, पुनरीक्षण से पहले उत्तर प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 15 करोड़ 30 लाख थी। इनमें से 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 28 मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त हुए, जो कुल का 81.30 प्रतिशत है। लगभग 18.70 प्रतिशत मतदाताओं से फॉर्म प्राप्त नहीं हो सके। आयोग ने स्पष्ट किया कि फॉर्म न मिलने के कारणों में 46.23 लाख (2.99%) मतदाताओं की मृत्यु, तथा 2.17 करोड़ (14.06%) मतदाताओं का स्थानांतरण, अनुपस्थिति या लापता होना शामिल है। इसके अतिरिक्त, 25.47 लाख (1.65%) मतदाता ऐसे पाए गए जो एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत थे।

श्रेणीवार स्थिति इस प्रकार है-

  • मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्र: 12.55 करोड़ (81.30%)
  • मृत मतदाता: 46.23 लाख (2.99%)
  • स्थानान्तरित/अनुपस्थित मतदाता: 2.17 करोड़ (14.06%)
  • एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाता: 25.47 लाख (1.65%)
निर्वाचन आयोग ने बताया कि आगामी व्यवस्था के तहत एक मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। इस प्रक्रिया में राज्य भर में 15,030 नए मतदान केंद्र (बूथ) बनाए गए हैं।

इस तारीख तक जता सकते हैं आपत्ति

निर्वाचन आयोग ने बताया कि जो मतदाता बीएलओ से संपर्क में नहीं आ सके, जिनके फॉर्म समय पर जमा नहीं हो पाए, या जो पूर्व निवास से दूसरी जगह पर स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके हैं, वे दावा एवं आपत्ति अवधि 6 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 के बीच आवश्यक घोषणा पत्र और दस्तावेजों के साथ आवेदन कर अपने नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं, उन्हें केवल एक ही स्थान पर रखा जाएगा। आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मसौदा सूची की जांच करें और समय-सीमा के भीतर आवश्यक सुधार या आपत्तियां दर्ज कराएं।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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