Earthquake Today: हाल ही में कई देशों में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। इस कारण लोगों के मन में भूकंप को लेकर डर बना रहता है। इसी क्रम में शुक्रवार रात करीब 9:45 बजे दिल्ली-एनसीआर और देश के अन्य कई प्रदेशों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसने लोगों में चिंता और डर पैदा कर दिया। ये झटके जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब तक महसूस किए गए। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी हुई है। आइए जानते हैं कि इस भूकंप का केंद्र कहां था और इसकी तीव्रता कितनी रही। USGS की वेबसाइट के अनुसार, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में जुर्म के पास था।
इतनी थी भूकंप की तीव्रता
जम्मू-कश्मीर के एक अधिकारी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता रेक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई। उन्होंने बताया कि भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में 36.398 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 70.878 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। उन्होंने बताया कि भूकंप की गहराई 150 किलोमीटर थी। जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोगों में चिंता का माहौल बन गया है। हालांकि, अभी तक किसी भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है।
चंडीगढ़ में भी महसूस हुए भूकंप के झटके
चंडीगढ़ निवासी बलदेव चंद ने बताया, "मुझे कुछ सेकंड तक तेज झटके महसूस हुए।’’ वह दूसरी मंजिल पर एक फ्लैट में रहते हैं। पंजाब के जीरकपुर स्थित एक आवासीय सोसाइटी की 11वीं मंजिल पर रहने वाले अजय कुमार ने कहा, "झटके कुछ सेकंड तक महसूस किए गए। हमने नीचे भागने के बारे में सोचा, लेकिन झटके जल्द ही रुक गए।" लोगों से अपील की है कि वे शांत रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
क्या होता है भूकंप?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, भूकंप पृथ्वी की सतह के अचानक हिलने या कांपने की एक प्राकृतिक घटना है, जो पृथ्वी के भीतर टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने या घर्षण के कारण उत्पन्न ऊर्जा के निकलने से होती है। यह ऊर्जा फॉल्ट लाइनों के टूटने पर तरंगों के रूप में फैलती है, जिससे जमीन में कंपन होता है और इमारतों व संरचनाओं को नुकसान पहुंचता है।
क्या होता रेक्टर स्केल?
रिक्टर स्केल भूकंप की तीव्रता को मापता है, जो भूकंप द्वारा वितरित भूकंपीय ऊर्जा की मात्रा को दर्शाता है। यह माप भूकंपों के आकार की तुलना करने में सहायक होता है, चाहे वे कहीं भी आए हों। रिक्टर स्केल 1935 में चार्ल्स एफ रिक्टर द्वारा बनाया गया था; यह एक लघुगणकीय पैमाना है जिसका उपयोग ऐतिहासिक रूप से भूकंप की तीव्रता को मापने के लिए किया जाता है। यह पैमाना भूकंप विज्ञान में आवश्यक रहा है, जिससे वैज्ञानिकों और आम जनता को हमारे द्वारा अनुभव की जाने वाली धरती को हिला देने वाली घटनाओं के पीछे की शक्ति को समझने में मदद मिली है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News in Hindi) अपडेट और ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
