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फर्जी दस्तावेज बनाकर सिस्टम को किया गुमराह; द्वारका कोर्ट ने महिला सब-इंस्पेक्टर को ठहराया दोषी

दिल्ली के द्वारका कोर्ट ने 2015 के एक मामले में महिला सब-इंस्पेक्टर को दोषी ठहराते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने वरिष्ठ अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज तैयार किए और उन्हें कोर्ट में पेश किया। इस मामले ने पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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फर्जी सिग्नेचर और धमकी देने के मामले में महिला सब-इंस्पेक्टर दोषी करार

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Delhi News: दिल्ली के द्वारका कोर्ट ने गुरुवार 2 अप्रैल 2026 को एक अहम फैसले में साल 2015 के एक मामले में महिला सब-इंस्पेक्टर को दोषी ठहराया है। यह मामला पालम विलेज थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां आरोपी उस समय तैनात थीं। कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान सामने आया कि कविता माथुर ने अपने सीनियर अधिकारियों के फर्जी सिग्नेचर करके कई मामलों की चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट तैयार कीं। इन दस्तावेजों को असली दिखाकर कोर्ट में भी जमा किया गया, जिससे पूरे सिस्टम को गुमराह करने की कोशिश की गई।

जांच में क्या आया सामने?

जांच में यह भी सामने आया कि जिन दस्तावेजों पर एसीपी और एसएचओ के सिग्नेचर दिखाए गए थे, वे असल में फर्जी थे। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की रिपोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की। कई अधिकारियों ने कोर्ट में गवाही देते हुए साफ कहा कि उन्होंने ऐसे किसी कागज पर साइन नहीं किए।

मैसेज भेजकर दबाव बनाने की कोशिश

मामले में एक और गंभीर पहलू तब सामने आया जब आरोपी ने एक वरिष्ठ अधिकारी को मैसेज भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की। इस मैसेज में आत्महत्या करने की बात कही गई थी, जिसे कोर्ट ने अधिकारी को डराने और केस से पीछे हटाने की कोशिश माना। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए, उनका इस्तेमाल किया और सरकारी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की।

इन धाराओं में दोषी करार किया

साथ ही, अधिकारी को धमकाने का आरोप भी साबित हुआ। इसी के साथ कोर्ट ने आरोपी को धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करने और धमकी देने जैसी धाराओं में दोषी करार दिया है। अब अगली तारीख पर सजा को लेकर फैसला सुनाया जाएगा। यह मामला पुलिस सिस्टम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है कि अगर अंदर ही इस तरह की गड़बड़ियां होंगी, तो आम लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा?

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Mohit Om
मोहित ओम author

जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैन... और देखें

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