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'दिल्ली PWD का 10 सूत्रीय मानसूनी प्लान'...डीजल जेनरेटर सेट, वैकल्पिक' पंप, 10 घंटे का ईंधन स्टॉक; जानें SOP

एसओपी में कहा गया है, ’’भारी वर्षा की स्थिति में, पंप का संचालन केवल डीजल जनरेटर सेट पर ही किया जाएगा। आदेश में कहा गया है, ’’कोई भी विद्युत केबल पानी में डूबी नहीं रहनी चाहिए।

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दिल्ली पीडब्ल्यू ने मानसून का बनाया बड़ा प्लान

दिल्ली : दिल्ली सरकार ने मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए जल निकासी पंपों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने हेतु एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा जारी की गयी 10 सूत्रीय मानक संचालन प्रक्रिया में शहर में मानसून के मौसम के दौरान यातायात प्रबंधन, जल निकासी, सड़कों को नुकसान से बचाने और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले उपायों को सूचीबद्ध किया गया है।

आदेश में कहा गया है, ’’जहां भी स्वचालन किया गया है, वहां पंपों को स्वचालित मोड पर चलाया जाएगा तथा कंपन, अत्यधिक गर्म हो जाने, असामान्य शोर या रिसाव की जांच के लिए संचालन की निरंतर निगरानी की जानी चाहिए। मानक परिचालन प्रक्रिया के अनुसार, क्षेत्र के कर्मचारियों को वर्षा के दौरान संभावित स्थानों से पानी की प्रभावी निकासी सुनिश्चित करने के लिए जल निकासी प्रवाह की बारीकी से निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।

आदेश में कहा गया है,’’निर्बाध संचालन के लिए पर्याप्त ईंधन भंडार (कम से कम 10 घंटे निरंतर चलने के लिए) बनाए रखा जाना चाहिए। इसमें आगे कहा गया है कि बिजली गुल होने की स्थिति में कम से कम 70 प्रतिशत क्षमता वाले ’वैकल्पिक जनरेटर’ तैयार रहने चाहिए, जिनकी क्षमता स्थापित पंप क्षमता के बराबर हो। एसओपी निर्देशों में कहा गया है कि हर भारी बारिश के बाद भूमिगत गड्ढों से गाद निकाला जाना चाहिए। इस वर्ष, पीडब्ल्यूडी ने दिल्ली में कुल 448 जलभराव वाले प्रमुख स्थलों की पहचान की है, जिनमें 2023, 2024 और 2025 के स्थल भी शामिल हैं।

एसओपी में कहा गया है, ’’भारी वर्षा की स्थिति में, पंप का संचालन केवल डीजल जनरेटर सेट पर ही किया जाएगा। आदेश में कहा गया है, ’’कोई भी विद्युत केबल पानी में डूबी नहीं रहनी चाहिए। सभी अनाधिकृत व्यक्तियों को चालू पंप स्थलों से दूर रखा जाना चाहिए। इसी बीच, लोकनिर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने नरेला क्षेत्र में नरेला-बवाना सड़क के हिस्से पर ’प्रीकास्ट आरसीसी निकास’ परियोजना की आधारशिला रखी। सिंह ने कहा, ’’यह कार्य दिल्ली की ड्रेनेज मास्टर प्लान के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में जलभराव की समस्या का दीर्घकालिक और सुनियोजित समाधान प्रदान करना है।’

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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