Cricket Stadium in Haridwar: देवभूमि उत्तराखंड के हरिद्वार को अब तक एक धर्मनगरी और तीर्थ स्थान के तौर पर देखा जाता था, लेकिन अब इसके साथ हरिद्वार इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के लिए भी जाना जाएगा। हरिद्वार के एकमात्र स्टेडियम को अब राष्ट्रीय स्तर के मैदान की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, ताकि यहां भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैच खेले जा सकें। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के युवा प्रतिभाओं को अच्छे मैदान उपलब्ध कराने के संबंध में निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री से निर्देश मिलते ही हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण ने भल्ला स्टेडियम को नेशनल लेवल पर विकसित करने की दिशा काम प्रारंभ कर दिया है।
भल्ला स्टेडियम में हो रहे ये काम
हमारी सहयोगी वेबसाइट नवभारत टाइम्स के मुताबिक, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अंशुल सिंह ने बताया है कि एक राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैदान के लिए 60 मीटर की बाउंड्री जरूरी होती है, इस मानक को ध्यान में रखते हुए भल्ला स्टेडियम की बाउंड्री 50 मीटर से बढ़ाकर 65 मीटर की जा रही है। गौरतलब है कि, अंशुल सिंह भी अंडर-19 टीम के खिलाड़ी रह चुके हैं। सीएम धामी के निर्देश पर हो रहे काम के संबंध में अंशुल बताते हैं कि, भल्ला स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों वाली तीन क्रिकेट पिच बनाई जा रही है। अच्छी क्रिकेट पिच बनाने के लिए राजस्थान के अलवर से विशेष किस्म की मिट्टी मंगाई गई है।
महज तीन माह में पूरा होगा काम
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अंशुल सिंह ने बताया है कि, भल्ला स्टेडियम में पवेलियन, ड्रेसिंग रुम, रेस्ट रूम आदि भी तैयार कराए जा रहे हैं। पत्रकार दीर्घा के लिए मीडिया सेंटर, कमेंट्री बॉक्स, कैफेटेरिया, पार्किंग और दर्शकों के बैठने के लिए बेहतर से बेहतर इंतजाम कराए जा रहे हैं। अंशुल ने कहा कि, मैदान में बड़ी लाइट भी लगाई जाएगी ताकि दूधिया सफेद रोशनी में नाइट मैच भी खेले जा सकें। अगले तीन माह में मैदान का काम पूरा होने की कोशिश है। तीन महीन में नेशनल क्रिकेट मैच के लिए भल्ला स्टेडियम पूरी तरह से तैयार होगा। यहां प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने में सहायता मिलेगी।
