अगर आप कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो एक बार देवघर जरूर जाएं। ऐसा माना जाता है कि यहां के एक-एक कंकड़ में भगवान शिव का वास है। देवघर में जितने भी धार्मिक स्थल हैं, उसके साक्ष्य भी मौजूद हैं। यहां आना आपके लिए रोमांच से भरा होगा। अगर आपको पहाड़ पसंद हैं तो देवघर का त्रिकूट पहाड़ आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकता है. यहां से तकरीबन 20 किलोमीटर की दूरी पर हरीभरी हसीन वादियों के बीच आप त्रिकूट पर्वत घूमने जा सकते हैं।
इस पर्वत से त्रेता युग के कई रहस्य जुड़े हैं। लोगों का ऐसा मानना है कि यहां लंकापति रावण का हैलीपैड था। और वह यहां अपने पुष्पक विमान से तपस्या करने आया करता था। यहीं नहीं मान्याता है कि यहां रावण और जटायू के बीच युद्ध भी हुआ था। यहां आपको एक से बढ़कर एक मनमोहक दृश्य नजर आएंगे।
विश्व का सबसे बड़ा पत्थर
यहां का सफर लोगों को काफी आकर्षित करता है। यहां विश्व का सबसे बड़ा पत्थर शालिग्राम केवल दो कोण पर टिका हुआ है, जिसके बीच केवल 14 इंच का अंदर है। मान्यता है कि इस पत्थर के बीच से निकल जाने से लोगों को सभी ग्रह दोष से मुक्ति मिल जाती है।
त्रिकुटेश्वर नाथ का मंदिर
त्रिकुट पर्वत का नाम हिंदुओं के तीनों देव ब्रह्मा, विष्णु और महेश के नाम पर पड़ा है। इसलिए इसे त्रिकुट कहते हैं। पहाड़ के नीचे बाबा त्रिकुटेश्वर नाथ का मंदिर है। मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर की स्थापना रावण ने की थी। ऐसा कहा जाता है कि लंका ले जाते समय रावण ने शिवलिंग को यहां रखा था, जिसके बाद वह शिवलिंग यहीं स्थापित हो गया।
