देवघर भारत के झारखंड राज्य में स्थित एक पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां देवताओं का वास माना जाता है। यह जगह अपने बैद्यनाथ धाम के लिए देशभर में मशहूर है, जहां सावन के महीने में बोल-बम का जयकारा लगाते हुए भारत को कोने-कोने से भक्तजन शिव की पूजा करने पहुंचते हैं। इस जगह को भारत के सबसे गुप्त स्थलों में भी गिना जाता है। यहां आप कई बौद्ध मठों के खंडहरों को भी देख सकते हैं।
देवघर बिहार के पटना शहर से 229 किमी दूर 833 मीटर की ऊंचाई पर है। सावन माह में यहां लाखों की तादाद में शिवभक्त जल चढ़ाने आते हैं। यहां कई और भी धार्मिक स्थल हैं। आज हम उन्हीं धार्मिक स्थलों के बारे में जानेंगे।
बाबा बैद्यनाथ मंदिर
बाबा बैद्यनाथ मंदिर देवघर के सबसे मुख्य ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसके साथ ही यहां अन्य देवी-देवताओं के भी मंदिर हैं। इस जगह से पौराणिक मान्यता भी जुड़ी हुई है। ऐसा कहा जाता है कि यहां रावण ने भगवान भोलेनाथ की पूजा की थी और अपने 10 सिरों को बलिदान रूप में चढ़ा दिया था। जिसे देख महादेव खुद उसे ठीक करने आए थे। इस पौराणिक घटना की वजह से इस मंदिर का नाम बाबा बैद्यनाथ पड़ा। यह मंदिर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, जहां दो मंदिर देवी पार्वती को समर्पित हैं।
देव संघ आश्रम
इस देव आश्रम को नव दुर्गा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां मां दुर्गा के 9 रूप स्थापित हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन को पहुंचते हैं। मंदिर में देवी दुर्गा के अलावा भगवान शिव, देवी सरस्वती, और मां अन्नपूर्णा की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं। आप भी यहां आकर माता के सभी रूपों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
नोलखा मंदिर
बैद्यनाथ मंदिर से लगभग 2 किमी दूर स्थित नोलखा मंदिर स्थित है। यहां भी आप दर्शन के लिए आ सकते हैं। राधा और कृष्ण के इस भव्य मंदिर के दर्शन करने दूर-दूर से भक्तजनों का आना लगा रहता है। यह मंदिर देवघर स्थित राज्य के प्रमुख हिन्दू तीर्थ स्थानों में गिना जाता है। मंदिर के वातावरण में आप शांति का अनुभव कर सकते हैं।
मंदार हिल
अगर आप देवघर पहुंचे तो यहां के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक मंदार पर्वत जाना ना भूलें। इस पर्वत को समुद्र मंथन के लिए देवताओं और दैत्यों द्वारा प्रयोग किया गया था। इस पहाड़ी के ऊपर एक खूबसूरत मंदिर भी है, जो विशाल झील से घिरा हुआ है। यहां भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का भी मंदिर है।
रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ
आप देवघर आएं तो यहां बाबा बैद्यनाथ मंदिर के अलावा आप अन्य धार्मिक स्थलों की सैर भी कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ। यह राम-कृष्ण मिशन का सबसे पुराना शैक्षिक संस्थान है। कहा जाता है कि स्वामी विवेकानंद के शिष्यों ने यहां का दौरा किया था। यह संस्थान भिक्षुओं और ब्रह्मचारियों द्वारा चलाया जाता है। इतना ही नहीं यहां ग्रीनहाउस और औषधीय बाग भी हैं।
