Delhi News: दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए रिंग रोड को एलिवेटेड बनाने की तैयारी तेज कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) को जून तक इस प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करनी होगी। पहले फेज के तहत डीपीआर तैयार करने का काम जारी है। इस परियोजना का पूरा डीपीआर आने के बाद आगे के निर्माण कार्य पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
एलेवेटेड रोड प्रोजेक्ट का पहला फेज
पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना में मजनू का टीला से सलीमगढ़ किले तक करीब 5 किलोमीटर का हिस्सा प्राथमिकता पर रखा गया है। पूरी रिंग रोड का एकमुश्त डीपीआर जून तक सौंपा जाएगा। जिसके बाद यह आकलन किया जा सकेगा कि वर्तमान में किन क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या सबसे अधिक है और आने वाले समय में किन हिस्सों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। जिसके आधार पर एलिवेटेड रोड का निर्माण शुरू करने के लिए अंतिम फैसला किया जाएगा।
दिल्ली में रिंग रोड की कुल लंबाई करीब 57.5 किलोमीटर है। इस पर ट्रैफिक की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कई स्थानों पर रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। इस समस्या से निपटने के लिए पिछले साल रिंग रोड पर दूसरी एलिवेटेड रोड बनाने का फैसला किया गया था। जिसका डीपीआर तैयार करने के लिए एक एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। डीपीआर के लिए रिंग रोड को छह फेज में बांटा गया था।
रिंग रोड पर एलिवेटेड रोड के 6 फेज
इन चरणों में पहला फेज मजनू का टीला से सलीमगढ़ किला तक 5 किमी का हिस्सा शामिल है। इसके अलावा आजादपुर चौक से मेटकाफ हाउस जंक्शन का 7 किमी हिस्सा, सलीमगढ़ किला से डीएनडी फ्लाईओवर, डीएनडी फ्लाईओवर से मोती बाग मेट्रो स्टेशन तक 10.5 किमी हिस्सा, मोती बाग मेट्रो स्टेशन से राजौरी गार्डन तक 10 किमी हिस्सा और राजौरी गार्डन से आजादपुर चौक तक 13.5 किमी हिस्सा शामिल हैं। इस परियोजना के पूरा होने से ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
