Delhi Police: दिल्ली पुलिस के पश्चिमी जिले ने पार्कों को नशा मुक्त और अपराध मुक्त बनाने के लिए 'विमुक्त' नाम से सामुदायिक पुलिसिंग अभियान शुरू किया है। इस अभियान में आरडब्ल्यूए, एमडब्ल्यूए और स्थानीय लोग पुलिस के साथ मिलकर असामाजिक गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के तहत पुलिस की मदद करने वाले लोगों को 'पार्क मित्र' बनाया गया है। ये पार्क मित्र अपने इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दे रहे हैं और पार्कों में सुरक्षित माहौल बनाने में सहयोग कर रहे हैं।
'विमुक्त चौपाल' भी आयोजित की जा रही
पश्चिमी जिले के 265 पार्कों का सर्वे किया गया है। सर्वे के दौरान अंधेरे वाले स्थान, खराब लाइटें, टूटे गेट और बिना नियंत्रण वाले प्रवेश और निकास मार्ग जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इन कमियों को दूर करने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ काम किया जा रहा है। पुलिस और लोगों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए हर थाना क्षेत्र में रोजाना दो पार्कों में शाम छह बजे से रात नौ बजे तक 'विमुक्त चौपाल' भी आयोजित की जा रही है। इन बैठकों में लोग और पार्क मित्र नशाखोरी, शराब पीने और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं।
265 में से 175 पार्कों को कवर किया
पुलिस ने बताया कि पिछले 15 दिनों में अभियान के तहत 265 में से 175 पार्कों को कवर किया गया। इस दौरान 325 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया और 50 नाबालिग पकड़े गए हैं। इसके अलावा दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत 4598 मामले दर्ज किए गए. वहीं, धारा 66 के तहत 445 कार्रवाई, धारा 40ए के तहत 178 कार्रवाई और सीआरपीसी की अन्य निवारक धाराओं के तहत 79 कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि अभियान के बाद पार्कों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ी है, जिससे असामाजिक गतिविधियों में कमी आई है और लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है।
'विमुक्त' अभियान आगे भी जारी रहेगा
यह अभियान पश्चिमी जिले के थाना स्टाफ और विशेष टीम द्वारा चलाया जा रहा है. अभियान की निगरानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-1 डॉ. सचिन कुमार सिंघल आईपीएस कर रहे हैं, जबकि एसआई मनीष मधुकर टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा कि 'विमुक्त' अभियान आगे भी जारी रहेगा और लोगों की भागीदारी से पार्कों को सुरक्षित बनाने का काम लगातार किया जाएगा।
