Delhi News: दिल्ली पुलिस ने सोमवार को बताया कि उसने मंडोली जेल के भीतर एक महत्वपूर्ण गवाह की हत्या की साजिश को विफल कर दिया है और इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस साजिश का मुख्य आरोपी जेल में बंद गैंगस्टर इरफान उर्फ छेनू पहलवान है। इसके साथ ही उसके तीन सहयोगी अदीब (22), फरमान और उस्मान को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई एक लंबित मामले के मुख्य गवाह को निशाना बनाने की गोपनीय सूचना मिलने के बाद की गई। सूचना के आधार पर 24 जनवरी की रात शास्त्री पार्क इलाके में छापेमारी की गई।
क्यों दिया साजिश को अंजाम?
छापेमारी के दौरान चौहान बांगर के निवासी अदीब को गिरफ्तार किया गया और उसके कब्जे से एक पिस्तौल व पांच कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने बताया कि अदीब के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में अदीब ने खुलासा किया कि यह हथियार जेल में बंद गैंगस्टर इरफान उर्फ छेनू पहलवान के आदेश पर हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए मंगवाया गया था। उसने अपने सहयोगियों के बारे में भी जानकारी दी।
जांच में और क्या आया सामने?
जांच में यह भी सामने आया कि हमले के लिए धन का लेन-देन सीलमपुर की एक चाय की दुकान के जरिए किया गया। इरफान का सहयोगी उस्मान कथित तौर पर शूटरों को भुगतान करने के लिए दुकान के मालिक को पैसे सौंपता था। इन खुलासों के आधार पर पुलिस ने 26 जनवरी को फरमान और 27 जनवरी को उस्मान को गिरफ्तार किया। इसके बाद 28 जनवरी को इरफान उर्फ छेनू पहलवान को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
अन्य सहयोगियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीलमपुर निवासी इरफान साल 2000 से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है और उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट और साजिश जैसे कई मामले दर्ज हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि वर्ष 2023 में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने उसे आतंकवाद-गैंगस्टर-मादक पदार्थ से जुड़े मामले में नामजद किया था। पुलिस इस समय लक्षित गवाह की सुरक्षा, अवैध हथियारों के स्रोत की जांच और साजिश में शामिल अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है।
(इनपुट - भाषा)
