Delhi News: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर ड्रोन और बॉर्डर मार्गों के जरिए भारत में लाई गई आधुनिक हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद की गई है।

23 अत्याधुनिक हथियार और 92 कारतूस जब्त
9 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि बरामद हथियारों में जिगाना और ग्लॉक जैसी विदेशी पिस्तौलें शामिल हैं। इसके साथ ही कुल 23 अत्याधुनिक हथियार और 92 कारतूस भी जब्त किए गए हैं। वहीं, बिहार के मुंगेर में निर्मित देसी हथियार भी इस खेप से बरामद हुए हैं।
आईएसआई से जुड़े होने की आशंका
जांच में खुलासा हुआ है कि इस अवैध हथियारों की खेप को दिल्ली एनसीआर, पंजाब और अन्य राज्यों में सक्रिय गैंगस्टरों तथा असामाजिक तत्वों तक पहुंचाने की योजना थी। पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के तार पाकिस्तान के हथियार सप्लायर्स और आईएसआई से जुड़े हुए हैं।
बांग्लादेश से हो रहा था रैकेट नियंत्रित
इस मॉड्यूल का संचालन खुर्जा निवासी शाहबाज अंसारी कर रहा था, जो फिलहाल बांग्लादेश में रहकर वहीं से इस पूरे रैकेट को नियंत्रित कर रहा था। पुलिस ने यह भी बताया कि इस नेटवर्क में उसका चाचा रेहान अंसारी भी शामिल है, जो वर्तमान में दुबई से इस गिरोह से जुड़ा हुआ है और गतिविधियों को सपोर्ट कर रहा है।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़ा नाम
शाहबाज अंसारी का नाम पहले भी पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़ चुका है। उस मामले में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर बाहर आने के बाद वह कथित तौर पर बांग्लादेश फरार हो गया था। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह नेपाल और पंजाब बॉर्डर के रास्तों का इस्तेमाल कर हथियारों की तस्करी करता था।
जांच में और क्या आया सामने?
जांच में यह भी सामने आया है कि शाहबाज का चचेरा भाई राहिल अंसारी भारत में आने वाली हथियारों की खेप को रिसीव करता था। वहीं मौजपुर निवासी फरदीन, उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का विशाल सिंघानिया और जौनपुर का अहमद इन हथियारों को आगे बेचने का काम करते थे। स्पेशल सेल इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है, और मामले की गहन जांच जारी है।
