दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का प्रचार जोर-शोर से चल रहा है। दिल्ली की सभी 70 सीटों पर 5 फरवरी को होने वाले विधानसभा सीटों के प्रचार के दौरान चुनाव के कई अतरंगी रंग भी देखने को मिल रहे हैं। आज यानी बुधवार 29 जनवरी को स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में भाजपा प्रत्याशियों के लिए प्रचार की बागडोर संभाली। उत्तर पूर्वी दिल्ली के करतार नगर में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे पीएम मोदी के मंच पर एक-एक कर भाजपा के कई प्रत्याशियों को बुलाया गया। इसी दौरान पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रविंद्र सिंह नेगी भी मंच पर पहुंचे। और यहां पीएम मोदी ने एक बार नहीं, बल्कि तीन-तीन बार उनके पांव छुए। आखिर ऐसा क्यों? चलिए जानते हैं।
रवि नेगी का पिछला चुनाव
साल 2020 के पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने रविंद्र नेगी को पटपड़गंज से अपना उम्मीदवार बनाया था। उस समय उनके सामने आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया थे। रवि नेगी ने विधानसभा चुनाव 2020 में मनीष सिसोदिया को कड़ी टक्कर दी। पटपड़गंज में कुल 15 राउंड की मतगणना हुई। इस दौरान पहले और दूसरे राउंड की मतगणना में मनीष सिसोदिया मामूली अंतर से आगे रहे। इसके बाद लगातार 8 दौर की मतगणना तक रवि ने मनीष सिसोदिया के ऊपर बढ़त बनाए रखी। यानी 10वें राउंड तक मनीष सिसोदिया पिछड़ रहे थे और रवि नेगी जीत की ओर बढ़ रहे थे। फिर 11वें राउंड में मनीष सिसोदिया ने बढ़त बनाई और फिर यह बढ़त अंत तक भी कायम रही। आखिर में मनीष सिसोदिया को 70 हजार 163 वोट मिले, जबकि रवि नेगी ने 66 हजार, 956 वोट हासिल किए। इस तरह से रवि नेगी 3207 वोटों के मामूली अंतर से हार गए। इस बार के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने मनीष सिसोदिया को पटपड़गंज से हटाकर जंगपुरा से अपना प्रत्याशी बनाया है।
रवि नेगी के पांव छूने का एक संभावित कारण
यह तो आप जानते ही हैं कि पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र में उत्तराखंड के मतदाताओं की बड़ी तादात है। रवि नेगी भी उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र से ताल्लुख रखते हैं। रवि नेगी कुमाऊं क्षेत्र में अल्मोड़ा जिले के जैंती के मूल निवासी हैं। यह तो सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से कितना लगाव है। वह उत्तराखंड को धार्मिक रूप से काफी तवज्जो देते हैं। अल्मोड़ा में ही विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम मंदिर भी है, जो रवि नेगी के जैंती से करीब 40 किमी दूर है। संभव है कि रविंद्र नेगी भगवान शिव के ऐसे धाम से ताल्लुख रखते हैं, जहां पर दुनिया का पहला जागृत शिवलिंग मिला, इसलिए उनके पांव छुए हों। पीएम मोदी स्वयं जागेश्वर धाम के बारे में बोल चुके हैं कि वह यहां का बड़ा सम्मान करते हैं।
पीएम मोदी ने उत्तराखंड को बताया अपना दूसरा घर
बता दें कि 12 अक्टूबर 2023 को पीएम मोदी स्वयं अलौकिक शक्ति और आस्था के धाम जागेश्वर मंदिर में हाजिरी लगा चुके हैं। जागेश्वर धाम वो जगह है, जहां में शिवत्व का अहसास होता है। माना जाता है कि जागेश्वर ही वो पहला शिव मंदिर है, जहां से लिंग के रूप में भगवान शिव की सबसे पहले पूजा की परंपरा शुरू हुई थी। जागेश्वर धाम में कुल मिलाकर 124 छोटे-बड़े मंदिरों का समूह है। पीएम मोदी 24 घंटे पहले ही यानी 28 जनवरी को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी देहरादून में 38वें नेशनल गेम्स के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। यहां से उन्होंने खुद इस बात को स्वीकारा था कि उत्तराखंड उनका दूसरा घर है और यहां आकर उन्हें बेहद शांति मिलती है।
एक वजह ये भी हो सकती है
ऐसा पहली बार नहीं है कि पीएम मोदी ने पहली बार किसी के पांव छुए हों। अपने से बड़ों के पांव तो वह कई बार छूते ही हैं, कई बार वह उन बच्चों के पांव भी छूते हैं, जो उन्हें पांव छूकर प्रणाम करने आते हैं। एक बार जब वह मणिपुर में एक रैली के लिए पहुंचे तो एक महिला भाजपा नेता ने एयरपोर्ट पर उनके पांव छूने चाहे। तब पीएम मोदी ने उन्हें रोक दिया और स्वयं उनके पांव छुए। संभव है कि आज जब उन्होंने पटपड़गंज से भाजपा प्रत्याशी रवि नेगी के पांव छुए तो वह यहां से भी कोई बड़ा संदेश देना चाह रहे हों।
इसके अलावा अगर उस वीडियो को गौर से देखें तो तमाम प्रत्याशियों के जिनके नाम लिए गए, सभी ने झुककर पीएम मोदी का अभिवादन किया। लेकिन जब रवि नेगी पीएम मोदी पहुंचे तो उन्होंने प्रधानमंत्री के पांव छुए, जिस पर पीएम मोदी भी उनके पांव छुए।
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