Delhi AIIMS: दिल्ली स्थित एम्स में रोजाना हजारों की तादाद में मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। लेकिन ओपीडी का समय दोपहर तक होने की वजह से कई मरीजों को बिना इलाज के वापस भी लौटना पड़ जाता है। ऐसे में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए एम्स में सिर्फ दोपहर तक ही नहीं बल्कि शाम और रात में भी ओपीडी सेवाएं देने पर विचार किया जा रहा है। संसद की स्वास्थ्य पर स्थायी समिति ने सुझाव दिया है कि एम्स में शाम और रात के समय भी ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएं। इस पर केंद्र सरकार ने एम्स प्रशासन से तुरंत विस्तार में जवाब मांगा है।
संसद की स्वास्थ्य पर संसदीय स्थायी समिति (डीआरपीएससी) की 13 मई को बैठक हुई। जिसमें समिति ने मरीजों की समस्याओं पर कई सुझाव पेश किए। इनमें सबसे अहम सुझाव था कि मरीजों की संख्या को देखते हुए एम्स में शाम और रात के समय भी ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एम्स को निर्देश दिया है कि वह समिति की बैठक में उठाए गए मुद्दों पर विस्तार से जवाब जल्द से जल्द भेजे। मंत्रालय ने एम्स से इस सुझाव की संभावना, चुनौतियां और लाभ पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही मंत्रालय ने एम्स से यह भी पूछा है कि इस मुद्दे पर अब तक कोई एक्शन टेकन रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी गई।
मंत्रालय ने एम्स से इन सवालों पर भी मांगा जवाब
- बिना अपॉइंटमेंट आए मरीजों को वापस न भेजने के लिए एम्स क्या कदम उठा रहा है।
- सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और नवजात चिकित्सा विभाग में वेटिंग टाइम कम करने की कोशिशें की जानकारी।
- सीटी और एमआरआई मशीनों की संख्या, उनमें से कितनी काम कर रही हैं और कितनी बंद हैं।
- पीपीपी मॉडल (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) को अपनाने की क्यासंभावना है।
- रिसर्च स्टाफ के पलायन के कारण और समाधान पर सुझाव।
- एम्स में चल रहे शोध कार्यों की जानकारी।
- रोटेटरी हेडशिप कब शुरू होगी और टेलीमेडिसिन सेवाओं को बढ़ाने की योजना।
- एम्स के पोर्टल को मोबाइल फ्रेंडली बनाने के लिए उठाए गए कदम की जानकारी।
नौकरी-पेशे वाले लोगों को मिलेगा लाभ
दिल्ली के एम्स की ओपीडी में रोजाना लगभग 15 हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। कई विभागों में मरीजों को ऑनलाइन अपॉइंटमेंट मिलने में महीनों का समय लग जाता है। ऐसे में संसदीय समिति ने सुझाव दिया है कि मरीजों को ओपीडी में वॉक इन अपाइंटमेंट की सुविधा मिल सके। अगर शाम और रात की ओपीडी शुरू होती है, तो सुबह से दोपहर तक रहने वाला मरीजों का भारी दबाव कम होगा। साथ ही मरीजों को लंबे इंतजार से छुट्टी मिल जाएगी। बहुत से लोग सुबह नौकरी के कारण अस्पताल में इलाज के लिए नहीं आ पाते हैं, ऐसे में उन्हें अस्पताल जाने के लिए ऑफिस से छुट्टी लेनी पड़ती है और उनकी सैलरी पर इसका प्रभाव पड़ता है। लेकिन सुबह और शाम में ओपीडी सेवा मिलने से वे ऑफिस से वापस आकर अस्पताल जा सकेंगे।
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