दिल्ली

मैं संकल्प लेती हूं... CM की कुर्सी मिलते ही सबसे पहले क्या बोलीं रेखा गुप्ता?

Rekha Gupta's first reaction: भाजपा विधायक दल की बैठक में रेखा गुप्ता के नाम पर मुहर लग चुकी है। यानी दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता होंगी। इस ऐलान के बाद रेखा गुप्ता की पहली प्रतिक्रिया आ चुकी है। उन्होंने कहा है कि 'मुझ पर विश्वास दिखाने के लिए शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद।' उनके समर्थक और करीबी रिश्तेदार उन्हें बधाई देने के लिए जुटे हुए हैं।

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CM की कुर्सी मिलने को लेकर रेखा गुप्ता ने क्या कहा?

Rekha Gupta: सीएम चुने जाने पर रेखा गुप्ता की पहली प्रतिक्रिया आ चुकी है। उन्होंने कहा है कि 'मुझ पर विश्वास दिखाने के लिए शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद।' दिल्ली की नई मुख्यमंत्री के लिए रेखा गुप्ता के नाम पर मुहर लगने के बाद उनके घर पर खुशी का माहौल है। शालीमार बाग से विधायक रेखा गुप्ता दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री बनेंगी। बुधवार शाम भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लग गई।

सीएम की कुर्सी मिलने के बाद क्या बोलीं रेखा गुप्ता?

रेखा गुप्ता ने इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "मुझ पर विश्वास कर मुख्यमंत्री पद का दायित्व सौंपने के लिए मैं सभी शीर्ष नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। आपके इस विश्वास और समर्थन ने मुझे नई ऊर्जा और प्रेरणा दी है। मैं संकल्प लेती हूं कि दिल्ली के हर नागरिक के कल्याण, सशक्तिकरण और समग्र विकास के लिए पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण से कार्य करूंगी। दिल्ली को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के इस महत्वपूर्ण अवसर के लिए मैं पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं।"

बता दें, रामलीला मैदान में गुरुवार को भव्य शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। रेखा गुप्ता दिल्ली की शालीमार बाग सीट से पहली बार विधायक चुनी गई हैं। उन्होंने 'आप' की बंदना कुमारी को 29,595 मतों के अंतर से हराया। गत 8 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे। भाजपा को 26 साल बाद ऐतिहासिक जीत मिली थी।

CM चुने जाने पर रेखा गुप्ता के घर के बाहर जश्न का माहौल

दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता के नाम का ऐलान कर दिया गया है। भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगने के बाद, रेखा गुप्ता गुरुवार को रामलीला मैदान में शपथ लेंगी। रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके घर पर खुशी का माहौल है। उनके समर्थक और करीबी रिश्तेदार उन्हें बधाई देने के लिए जुटे हुए हैं। लोग एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर इस ऐतिहासिक मौके का जश्न मना रहे हैं।

दिल्ली की शालीमार बाग सीट से पहली बार विधायक चुनी गईं रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग सीट पर 'आप' की बंदना कुमारी को 29,595 मतों के अंतर से हराया।

रेखा गुप्ता ने 1992 में दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से पढ़ाई के दौरान ही छात्र राजनीति में कदम रखा। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ी रहीं और 1996-97 में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) की अध्यक्ष बनीं, जहां उन्होंने छात्रों के मुद्दों को सक्रिय रूप से उठाया। साल 2007 में उत्तरी पीतमपुरा से पार्षद चुने जाने के बाद, उन्होंने क्षेत्र में पुस्तकालय, पार्क और स्विमिंग पूल जैसी सुविधाओं के विकास पर काम किया।

20 फरवरी को रामलीला मैदान में होगा शपथ ग्रहण समारोह

शपथ ग्रहण समारोह 20 फरवरी को रामलीला मैदान में होगा। समारोह के निमंत्रण की पहली कॉपी सामने आई है। इस निमंत्रण पत्र में मुख्य सचिव की तरफ से सभी लोगों को समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 48 सीटें जीतकर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया है। दिल्ली में 10 साल से अधिक समय तक शासन करने वाली 'आप' को विधानसभा चुनाव में केवल 22 सीटें ही मिल सकीं। वहीं, पिछली बार की तरह इस बार भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला।

शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ी कुछ खास बातें जानिए

शपथ ग्रहण समारोह के टाइमटेबल के मुताबिक, दिन में 11-12 बजे के बीच शपथ समारोह के गेस्ट आएंगे और अपनी सीट लेंगे। 12:10 बजे मनोनीत मुख्यमंत्री और मनोनीत मंत्री आएंगे। 12:15 बजे एलजी शपथ समारोह में पहुंचेंगे। 12:20 बजे केंद्रीय गृह मंत्री और अन्य नेता पहुंचेंगे। 12:25 बजे प्रधानमंत्री मोदी आएंगे। वहीं, 12:30 बजे बैंड की धुन पर राष्ट्रगान होगा। 12.35 बजे एलजी मुख्यमंत्री को शपथ दिलाएंगे।

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Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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