दिल्ली

दिल्ली क्राइम ब्रांच और तेलंगाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 12 करोड़ के ड्रग्स बरामद, पकड़े गए 30 विदेशी नागरिक

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तेलंगाना एंटी-नार्कोटिक्स ब्यूरो के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 12 करोड़ रुपये के ड्रग्स और 30 विदेशी नागरिकों को पकड़ा है।

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दिल्ली क्राइम ब्रांच टीम ने ड्रग तस्करी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने तेलंगाना एंटी-नारकोटिक्स ब्यूरो (TGNAB) के साथ मिलकर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय अफ्रीकन ड्रग कार्टेल का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त ऑपरेशन में कई ठिकानों पर दबिश दी गई और करीब 12 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद हुईं। साथ ही, कार्टेल से जुड़े कई विदेशी और भारतीय आरोपी भी पकड़े गए हैं।

कैसे चला पूरा ऑपरेशन?

तेलंगाना पुलिस ने अपनी जांच में कुछ मुख्य आरोपियों की लोकेशन दिल्ली में होने की जानकारी दिल्ली क्राइम ब्रांच को दी थी। इसके बाद दोनों एजेंसियों ने कई दिन तक टेक्निकल और मैन्युअल सर्विलांस किया और अलग-अलग टीमों ने एक साथ दिल्ली के कई इलाकों—महरौली, संतगढ़, निलोठी, ग्रेटर नोएडा, मुनीरका, उत्तम नगर—पर छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई सीनियर अधिकारियों की निगरानी में की गई और इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी इंटर-स्टेट एंटी-ड्रग्स ऑपरेशन माना जा रहा है।

कहां-कहां से क्या बरामद हुआ?

1. मोहान गार्डन, उत्तम नगर

आरोपी: जैनब पैमेला, 35 वर्ष, युगांडा की नागरिक

बरामद: 195 ग्राम कोकीन, 24 ग्राम MDMA, 40,500 रुपये नकद

NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज

2. संतगढ़, तिलक नगर

आरोपी: बेकी, 49 वर्ष, नाइजीरिया की नागरिक

बरामद: 5,209 एक्स्टेसी (MD) गोलियां, 35.46 ग्राम कोकीन, 78,000 रुपये नकद

पूछताछ के बाद उसके नेटवर्क के एक सदस्य फ्रैंक को चंदर विहार में छापा मारकर पकड़ा गया। उसके पास से 60 MD गोलियां मिलीं।

3. लॉक्ड हाउस – वांटेड आरोपी का ठिकाना

आरोपी: जीन अहमद, गॉडविन (तेलंगाना पुलिस का वांटेड)

बरामद: 106.38 ग्राम कोकीन, 107.83 ग्राम हेरोइन

इन बरामदियों से साफ है कि ये जगहें कार्टेल के लिए ड्रग्स छिपाने और सप्लाई करने के ठिकाने थे। पुलिस ने इस मामले में कार्टेल के भारतीय सहयोगी भी गिरफ्तार किए है। ड्रग नेटवर्क को मजबूत करने में कई भारतीय मददगार भी शामिल थे—

बदरुद्दीन (ग्रेटर नोएडा) – कार्टेल का मुख्य फाइनेंशियल मैनेजर

जफर (महरौली) – पैसों के लेनदेन और विदेशी सप्लायर को आर्थिक सहायता

समा उमर – लॉजिस्टिक और इंटरनल सपोर्ट

बता दें कि टिटिंग गुइटे, एस. जोशुआ गुइटे, लाल खोसेई सेलिएन – फर्जी या प्रॉक्सी दस्तावेजों से SIM कार्ड उपलब्ध कराना, जिससे कार्टेल के सदस्य अलग-अलग नंबर इस्तेमाल कर पुलिस से बचते थे। इन सभी को तेलंगाना पुलिस को आगे की जांच के लिए सौंप दिया गया है।

30 अवैध विदेशी नागरिक भी पकड़े गए

छापेमारी के दौरान 30 विदेशी नागरिक, जिसमें 12 महिलाएँ शामिल हैं, बिना वैध दस्तावेज़ों के रहते पाए गए। 18 पुरुषों को डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है 12 महिलाओं को FRRO से समन्वय कर आगे की प्रक्रिया में लगाया गया है

कैसे काम करता था यह इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क?

बताया जा रहा है कि इंटरनेशनल ड्रग नेटवर्क कोकीन, हेरोइन, MDMA और एक्स्टेसी की तस्करी के लिए भारत में अवैध रूप से रहे विदेशी नागरिकों और ड्रग पेडलर के द्वारा की जा रही थी। यह अलग-अलग इलाकों में किराए के घर लेकर रह रहे थे, जहां सप्लाई का काम किया जा रहा था। इन लोगों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सिम कार्ड लिया था और लोकल फाइनेंसरों के जरिए ड्रग्स के पैसों का लेनदेन किया जा रहा था।

दिल्ली क्राइम ब्रांच और तेलंगाना एंटी-नारकोटिक्स ब्यूरो अब इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों, पैसों के रास्तों और सप्लाई चेन की जांच आगे बढ़ा रहे हैं। डीसीपी क्राइम संजीव यादव का कहना है कि ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी ताकि दिल्ली-एनसीआर को ड्रग तस्करी का हब बनने से रोका जा सके।

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Mohit Om
मोहित ओमauthor

जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैनी निगाह रखता हूँ।

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