बेंगलुरु : बेंगलुरु की प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में एसोसिएट लम्बर्स प्राइवेट लिमिटेड (ALPL) और इसके 17 अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए कोर्ट, बेंगलुरु में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला करीब 122 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा है। यह जांच सीबीआई, एसीबी बेंगलुरु की एक एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें कंपनी और इसके डायरेक्टर्स पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे।
जांच में सामने आया कि कंपनी के डायरेक्टर्स मो. फारूक सुलेमान दरवेश, मनोहरलाल सतारामदास अगीचा, सरिचंद सतारामदास अगीचा और इब्राहिम सुलेमान दरवेश ने बैंक से मिले लोन का गलत इस्तेमाल किया। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पहले कॉरपोरेशन बैंक) से मिले लोन को इन्होंने अपनी बहन कंपनियों और दूसरी फर्मों में घुमा दिया। कुछ पैसों से प्रॉपर्टी खरीदी गई और कुछ रकम बहन कंपनियों के पुराने लोन चुकाने में लगाई गई।
ED की जांच में यह भी पता चला कि कंपनी ने अपने कारोबार का टर्नओवर फर्जी तरीके से बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया, ताकि बैंक से नए लोन और क्रेडिट फैसिलिटी मिलती रहे। इसी तरीके से कंपनी ने 60 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया।इतना ही नहीं, करीब 7 करोड़ रुपये का स्टॉक कंपनी के डायरेक्टर्स ने गायब कर दिया और दावा किया कि वह चेन्नई की बाढ़ में नष्ट हो गया। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ रकम पनामा और कोस्टा रिका भेजी गई, जहां कंपनी के एक डायरेक्टर के रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी इंपोर्ट डीलिंग दिखाई गई।
इन सभी तरीकों से आरोपियों ने करोड़ों रुपये की काली कमाई (POC) बनाई। अब तक ED ने इस मामले में 47 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है, जिसमें हाल ही में 4 करोड़ रुपये की संपत्ति की अटैचमेंट शामिल है। फिलहाल ED इस पूरे घोटाले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही और भी खुलासे होने की संभावना है।
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