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Delhi Ka Mausam: दिल्ली में घने कोहरे के कारण 51 ट्रेन लेट, कई उड़ानों के समय में हुआ बदलाव

Fog in Delhi: दिल्ली में रविवार को भी कोहरे की वजह से दृश्यता कम रही। राजधानी दिल्ली में घने कोहरे के कारण 51 ट्रेन देरी से चल रही हैं। इसके अलावा कई उड़ानों के समय में बदलाव किया गया। राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।

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दिल्ली का मौसम।

Photo : iStock

Weather in Delhi: राष्ट्रीय राजधानी में रविवार सुबह घना कोहरा छाए रहने और दृश्यता शून्य होने के कारण 51 ट्रेन विलंब से चल रही हैं और कई उड़ानों के समय में बदलाव किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पालम में भारतीय समयानुसार सुबह चार बजे से 7.30 बजे तक शून्य दृश्यता रही, लेकिन 8-13 किमी प्रति घंटे की गति से पुरवैया हवाएं भी चलीं।’’

शहर में अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा

अधिकारी ने कहा कि शनिवार के नौ घंटे की शून्य दृश्यता की तुलना में, रविवार को पालम में शून्य दृश्यता की अवधि 3.5 घंटे रही, जो अपेक्षाकृत कम है। आईएमडी ने कहा कि शहर में अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य औसत से 0.7 डिग्री कम है और न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के दौरान सापेक्षिक आर्द्रता 83 से 95 प्रतिशत के बीच रही।

सोमवार सुबह गरज के साथ हल्की बारिश होने की संभावना

मौसम विभाग ने सोमवार के लिए आसमान में बादल छाए रहने और सुबह गरज के साथ बहुत हल्की बारिश होने की संभावना जताई है। सुबह के समय हवा के चार किमी प्रति घंटे से कम गति से दक्षिण-पूर्व से चलने की उम्मीद है। सोमवार को अधिकांश स्थानों पर धुंध और मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, सुबह के समय कुछ इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान के क्रमश: 18 और 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 339 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।

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Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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