दिल्ली

DPS, जीडी गोयनका समेत दिल्ली के कई स्कूलों को मिली बम की धमकी, वापस लौटाए गए बच्चे; तलाशी अभियान शुरू

Delhi School Bomb Threat: दिल्ली पुलिस ने बताया कि डीपीएस व जीडी गोयनका के बाद धीरे-धीरे दिल्ली के कई स्कूलों को​ इसी तरह का धमकी भरा ई-मेल भेजा गया। इसमें मदर मैरी स्कूल, ब्रिटिश स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल, कैम्ब्रिज स्कूल जैसे नामी स्कूल शामिल हैं।

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दिल्ली के कई स्कूलों में बम की धमकी।

Photo : ANI

Delhi School Bomb Threat: दिल्ली के कई स्कूलों को एक बार फिर से बम की धमकी मिली है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि कई स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम की धमकी दी गई है, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने बच्चों को घर भेज दिया है। पुलिस मौके पर पहुंच गई है और जांच जारी है।

अधिकारियों के मुताबिक, पहले दो स्कूलों को ईमेल के जरिए धमकी देने की बात सामने आई। एक धमकी आरके पुरम स्थित डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) को दी गई है। इसके बाद पूरे स्कूल परिसर को खाली करा लिया गया है। मौके पर आला अधिकारी भी पहुंच गए हैं और हर क्लास रूम की तलाशी ली जा रही है। वहीं, पश्चिम विहार के जीडी गोयनका स्कूल में भी इसी तरह बम की धमकी दी गई है। वहां भी पुलिस अधिकारी तलाशी अभियान चला रहे हैं।

बाद में कई स्कूलों को मिली धमकी

दिल्ली पुलिस ने बताया कि धीरे-धीरे दिल्ली के कई स्कूलों को इसी तरह का धमकी भरा ई-मेल भेजा गया। इसमें मदर मैरी स्कूल, ब्रिटिश स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल, कैम्ब्रिज स्कूल जैसे नामी स्कूल शामिल हैं। धमकी भेजने वाले ने करीब 30 हजार डॉलर की फिरौती की मांग की है। उधर, पुलिस ने सभी स्कूलों में जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में 40 से ज़्यादा स्कूलों को ई-मेल के ज़रिए बम से उड़ाने की धमकी मिली।

क्या लिखा मेल में?

अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे मेल में 30 हजार डॉलर की मांग की गई है। मेल में लिखा है - मैंने स्कूल के अंदर कई बम लगाए हैं। बम छोटे हैं और बहुत अच्छी तरह से छिपाए गए हैं। इससे इमारत को ज़्यादा नुकसान नहीं होगा, लेकिन बमों के फटने से कई लोग घायल हो जाएंगे। अगर मुझे 30,000 डॉलर नहीं मिले तो मैं बम विस्फोट कर दूंगा।

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Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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