Delhi Pollution: दिल्ली की वायु गुणवत्ता "बेहद खराब" श्रेणी में पहुंच गई है। बीते दिनों 200 के पार खराब श्रेणी में AQI के पहुंचते ही वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) 1 के नियम लागू कर दिए थे। रविवार रात ही दिल्ली का एक्यूआई 300 के पार दर्ज किया गया। सुबह 8 बजे के ताजा अपडेट के अनुसार दिल्ली का एक्यूआई 335 दर्ज किया गया है। लेकिन शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया जा रहा है। उसमें से एक स्थान दिल्ली का अक्षरधाम है। दिल्ली के एक्यूआई के गंभीर श्रेणी में पहुंचते ही CAQM ने तत्काल प्रभाव GRAP-2 के नियमों को शहर में लागू कर दिया है।
इस बीच मौसम विभाग (IMD) और IITM के पूर्वानुमानों में अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ने की चेतावनी दी गई है। CAQM ने अधिकारियों को पहले से लागू चरण I के उपायों के अतिरिक्त, चरण II के सभी प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिए हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर अंकुश लगाना है।
प्रदूषण को नियंत्रण के लिए उठाए जाएंगे कड़े कदम
GRAP-II के तहत प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। धूल नियंत्रण के लिए, व्यस्त समय से पहले चिह्नित सड़कों पर वैक्यूम स्वीपिंग और पानी के छिड़काव को अनिवार्य किया गया है। GRAP-2 के तहत निर्माण और विध्वंस स्थलों का गहन निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। स्वच्छ आवागमन को बढ़ावा देने के लिए, सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में वृद्धि की जाएगी, जिसमें अतिरिक्त सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसें को शामिल किया जाएगा। साथ ही मेट्रो सेवाओं की आवृत्ति (Frequency) भी बढ़ाई जाएगी। सर्दियों में बायोमास और ठोस कचरे को खुले में जलाने पर मनाही है। साथ ही इसे रोकने के लिए आरडब्ल्यूए को कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने होंगे।
प्रदूषण बढ़ने के साथ बढ़ा स्वास्थ्य जोखिम
दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण के स्तर को देखते हुए GRAP चरण II के तहत, दिल्ली में अंतरराज्यीय बसों का प्रवेश अब केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस-VI डीजल पर चलने वाली बसों तक सीमित किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, दिल्ली की प्रदूषित हवा में सांस लेना प्रतिदिन लगभग 10 सिगरेट पीने के बराबर हानिकारक है। लंबे समय तक उच्च प्रदूषण के संपर्क में रहने से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय रोग जैसी गंभीर श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। प्रदूषण के प्रमुख कारणों में वाहनों का उत्सर्जन (Vehicle Emissions), धान की पराली जलाना और पटाखों के साथ स्थानीय प्रदूषण स्रोत शामिल हैं। GRAP, AQI के आधार पर चार चरणों में चरण I: 201-300, चरण II: 301-400, चरण III: 401-450, चरण IV: 450 से अधिक पहुंचने पर कार्रवाई निर्धारित की जाती है।
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