दिल्ली

पुरातत्व विभाग की पहल; दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक बनेंगे शादी और सांस्कृतिक समारोह का नया ठिकाना, जल्द शुरू होगी बुकिंग

दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक अब सिर्फ देखने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यहां शादी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे। दिल्ली सरकार इस पहल पर काम कर रही है और चयनित धरोहर स्थलों की बुकिंग प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत दिल्ली पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आने वाले कई प्रमुख स्मारक शामिल होंगे।

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दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक शादियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मेजबानी करेंगे (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

Delhi Heritage Wedding Venues: अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों में शादी करना केवल सपना नहीं रहेगा। दिल्ली सरकार इन स्थलों को विवाह और सांस्कृतिक आयोजनों जैसे विशेष कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। एक अधिकारी के अनुसार, चयनित विरासत स्थलों की बुकिंग की अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस पहल के तहत दिल्ली पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आने वाले कई स्मारकों को शामिल किया गया है।

कौन से ऐतिहासिक स्मारक हैं शामिल?

अधिकारी के अनुसार, जिन स्मारकों को इस योजना में शामिल किया गया है उनमें कई ऐतिहासिक धरोहरें हैं, जैसे 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की स्मृति में 1863 में निर्मित उत्तरी रिज स्थित विद्रोह स्मारक (म्यूटिनी मेमोरियल), कश्मीरी गेट का दारा शिकोह पुस्तकालय, जो कभी मुगल शहजादा दारा शिकोह का निवास स्थान था और बाद में ब्रिटिश अधिकारियों के दफ्तर के रूप में उपयोग हुआ। इसके अलावा, जीटीके बस डिपो के पास स्थित मकबरा पाइक, एक मुगलकालीन संरचना है, जिसे किसी शाही दूत का मकबरा माना जाता है। सूची में साधना एन्क्लेव का मकबरा भी शामिल है, जो प्रारंभिक भारतीय-इस्लामी स्थापत्य शैली का सुंदर उदाहरण है और लोदी काल से संबंधित है। वहीं, कुदसिया गार्डन के मंडप भी इस योजना में सम्मिलित किए गए हैं जो कि 18वीं शताब्दी में बादशाह मोहम्मद शाह की पत्नी कुदसिया बेगम द्वारा निर्मित महल परिसर का हिस्सा है।

लगभग 80 स्मारकों को चुनने का प्लान

इन सभी स्मारकों पर नागरिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक, यह योजना अभी प्रारंभिक चरण में है और कार्यान्वयन तथा स्थल चयन पर अभी भी विचार-विमर्श चल रहा है। उन्होंने कहा कि निजी या सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान धरोहर स्थलों को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे, इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। बताया यह भी जा रहा है कि, सरकार ऐसे धरोहर स्थलों के लिए बुकिंग शुल्क पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) में छूट देने पर विचार कर रही है। इसके अलावा, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत लगभग 80 स्मारकों को सांस्कृतिक और निजी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए चुना जा सकता है। इस योजना की जानकारी पहले दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने दी थी। उन्होंने कहा कि उनका विभाग इन स्मारकों को जनता के लिए और अधिक सुलभ बनाने के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करने और आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करने पर काम कर रहा है।

(इनपुट - भाषा)

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Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

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