दिल्ली

RTO अधिकारी बनकर करता था लोगों के साथ ठगी, साइबर पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी

दिल्ली की साइबर पुलिस ने फर्जी आरटीओ अधिकारी बनकर ठगी करने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों से ऑनलाइन चालान के नाम पर पैसे वसूल रहा था। आरोपी ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए अपनी Truecaller प्रोफाइल में पुलिस का लोगो और अफसरों की फोटो लगाई थी। साइबर पुलिस ने उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया है।

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साइबर पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

Delhi Crime News: सेंट्रल जिले की साइबर पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है जो खुद को आरटीओ (RTO) अधिकारी बताकर लोगों से ऑनलाइन चालान के नाम पर पैसे वसूल रहा था। आरोपी ने न केवल मासूम लोगों से धोखाधड़ी की, बल्कि सरकारी पहचान का भी दुरुपयोग किया।

दिल्ली के एक शख्स ने साइबर पुलिस थाने में शिकायत दी कि उसे एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर खुद को गाजियाबाद आरटीओ ऑफिसर बताया और बताया कि उसके कमर्शियल वाहन पर भारी चालान बकाया है। कॉल करने वाले ने धमकी दी कि अगर तुरंत चालान जमा नहीं किया गया तो वाहन का परमिट रद्द कर दिया जाएगा। डर के मारे पीड़ित ने 12,500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

पुलिस से बचने के लिए लगातार बदली लोकेशन

शिकायत के आधार पर साइबर थाना सेंट्रल ने FIR नंबर 21/2025 के तहत BNS की धाराओं 318(4)/319(2) में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। तकनीकी निगरानी और बैंक डिटेल्स की जांच के बाद यह सामने आया कि धोखाधड़ी की रकम फिनो पेमेंट बैंक के अकाउंट में ट्रांसफर की गई, जो अशीष शर्मा नाम के व्यक्ति के नाम पर थी। आरोपी लगातार मोबाइल नंबर बदलता रहा और लोकेशन बदल-बदल कर पुलिस से बचने की कोशिश करता रहा। लेकिन साइबर टीम की कड़ी मेहनत से उसे गाजियाबाद, यूपी से धर दबोचा गया।

RTO ऑफिस में प्राइवेट एजेंट था आरोपी

आरोपी की पहचान अशीष शर्मा (उम्र 38 वर्ष) के रूप में हुई जो सहकारी नगर, चिरंजीव विहार, गाजियाबाद का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि वह गाजियाबाद के आरटीओ ऑफिस में प्राइवेट एजेंट के रूप में काम करता था और वहीं पर पुराने वाहन पंजीकरण की फाइलों से उसने वाहन मालिकों की जानकारी चुराई। इसके साथ ही वह ई-वाहन ऐप का भी गलत इस्तेमाल करता था।

Truecaller पर लगाया पुलिस का लोगो

आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए Truecaller प्रोफाइल में पुलिस का लोगो और अफसरों की फोटो लगाई हुई थी ताकि लोग उसे असली अधिकारी समझें। पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन और दो बैंकों के खाता किट, जिनके जरिए पैसे प्राप्त किए जाते थे बरामद किए है। इस मामले की जांच अभी जारी है गाजियाबाद RTO ऑफिस के कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ हो सकती है कि कैसे इतनी अहम जानकारी बाहर लीक हुई। DCP सेंट्रल एम. हर्षवर्धन ने लोगो से अपील की है कि यदि आपके पास भी किसी अनजान नंबर से इस तरह की कॉल आती है, तो सावधान रहें और तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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Mohit Om
मोहित ओमauthor

जनमानस की खबर को पाठकों तक पहुंचाना ही एकमात्र लक्ष्य। एक दशक से ज्यादा पत्रकारिता का अनुभव। अपराध के पीछे की साजिश को बेपर्दा करने वाली हर खबर पर पैनी निगाह रखता हूँ।

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