दिल्ली

मंत्रालय का कार्यभार संभालते ही एक्शन मोड में दिल्ली के मंत्री, कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिरसा ने बताया; सबसे पहले क्या करेंगे

Delhi Sarkar in Action Mode: दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिरसा ने अपना-अपना कार्यभार संभाल लिया है। वहीं उन्होंने प्रमुख प्राथमिकताएं बताईं। कपिल मिश्रा ने विधानसभा में मंगलवार को पेश की जाने वाली सीएजी रिपोर्ट के बारे में उन्होंने कहा कि सत्य को कोई नहीं रोक सकता है।

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मनजिंदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा।

दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को अपने कार्यालयों में कार्यभार संभाला और अधिकारियों को अपने-अपने विभागों के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मिश्रा ने विधि एवं न्याय मंत्री का पदभार ग्रहण किया, जबकि सिरसा ने पर्यावरण एवं उद्योग मंत्री का कार्यभार संभाला।

दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया आगे का प्लान

कपिल मिश्रा ने कहा, 'आज मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हमारे विभाग के अधिकार क्षेत्र में आने वाले घोषणापत्र में किए गए वादों के लिए कार्ययोजना तैयार करना शुरू करें तथा इसका समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।' विधानसभा में मंगलवार को पेश की जाने वाली सीएजी रिपोर्ट के बारे में उन्होंने कहा, 'सत्य को कोई नहीं रोक सकता। लोगों ने चुनावों में पहले ही न्याय कर दिया है और अब न्याय कानूनी रूप से भी होना चाहिए।'

मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया क्या है उनका मिशन

दूसरी ओर, सिरसा ने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा, 'हमारा मिशन स्वच्छ हवा और पानी सुनिश्चित करके दिल्ली को एक स्वस्थ शहर बनाना है और हम इस दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शहर में प्रमुख पर्यावरण परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।' कचरा प्रबंधन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, 'दिल्ली में कूड़े के बड़े पहाड़ हैं, जिन्हें अरविंद केजरीवाल का प्रशासन 10 वर्षों में नहीं हटा सका। हमारी सरकार के तहत एक वर्ष के भीतर इन्हें साफ कर दिया जाएगा।'

उन्होंने कहा, 'अगर दशरथ मांझी पहाड़ काटकर सड़क बना सकते हैं, तो हम निश्चित रूप से कूड़े के ढेर हटा सकते हैं। हम उनके दृढ़ संकल्प से प्रेरणा लेते हैं।' सिरसा ने यह भी दावा किया, 'दिल्ली का लगभग 30 प्रतिशत वायु प्रदूषण धूल के कारण होता है, जिसमें एमसीडी और पीडब्ल्यूडी प्रमुख हितधारक हैं।'

उन्होंने जवाबदेही का आग्रह करते हुए कहा, 'प्रत्येक विभाग को जिम्मेदारी लेनी चाहिए - एमसीडी और पीडब्ल्यूडी को प्रदूषण में अपने योगदान को कम करने के लिए काम करना चाहिए, जबकि हम कचरे के पहाड़ों को हटाना सुनिश्चित करेंगे।'

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Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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