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Delhi Blast Case: जैश-ए-मोहम्मद का स्लीपर सेल था मौलवी इरफान, कश्मीरी आतंकी संगठन खड़ा करने का था प्लान

दिल्ली के लालकिला धमाके की जांच में नित नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में पता चला कि मौलवी इरफान जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा स्लीपर सेल था और AGUH से भी उसके लिंक सामने आए हैं। पता चला है कि इरफान ही मॉड्यूल का रिंग-लीडर था, जिसने कश्मीर में स्थानीय आतंकी नेटवर्क खड़ा करने के लिए कई डॉक्टरों को भी साथ मिलाया था।

Delhi-Blast

दिल्ली धमाके में हो रहे लगातार नए खुलासे

दिल्ली में लालकिला के पास हुए धमाके के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। सोमवार 10 नवंबर को हुए धमाके के तार फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ते हुए कश्मीर और फिर पाकिस्तानी आंतकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद तक भी जुड़ चुके हैं। अंसार गज़वत उल हिन्द (AGUH) से भी दिल्ली ब्लास्ट मामले के कनेक्शन की जांच हो रही है। इस मामले में मौलवी इरफान से लेकर पकड़े गए आतंकियों तक की कड़ी बेनकाब हो चुकी है।

दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में पता चला है कि मौलवी इरफान ही मॉड्यूल का रिंग-लीडर था। मौलवी इरफान ही वह शख्स है जो मुजम्मिल के जरिए सबसे AGUH और जैश के कमांडरों के संपर्क में था। मौलवी इरफान कश्मीर घाटी में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए घाटी में स्लीपर सेल की तरह काम करता था। उसी ने मुजम्मिल के जरिए पहले उमर मोहम्मद और फिर बाकी के डॉक्टरों को साजिश के लिए तैयार किया था।

मौलवी इरफान की धार्मिक शिक्षा की पूरी चेन

  • 2007: दारुल उलूम बिलाल्या, लाल बाजार, श्रीनगर से शुरुआत
  • 2009–2016: पिंजूरा, शोपियां में मुफ्ती अय्यूब के पास पढ़ाई की
  • 2017–2018: मदरसा बहारुल उलूम, देवबंद (किशनपुर, यूपी)
  • 2019–2020: दारुल उलूम कासिमिया, लाल बाजार से मुफ्ती का कोर्स पूरा किया

मौलवी इरफान का आतंकी मॉड्यूल से सीधा लिंक

दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में सामने आया है कि जन मोहल्ला, शोपियां का हाफिज मुज्जमिल तंत्रे AGUH में शामिल हुआ था और 2021 में एक मुठभेड़ में मारा गया था। डॉ. मुजम्मिल शकील उसी हाफिज मुजम्मिल तंत्रे का दोस्त था। 2021 में मुजम्मिल ने व्हाट्सएप पर मौलवी इरफान से संपर्क किया और AGUH के तीन बड़े कमांडरों के नाम बताए, जो थे गाजी खालिद, मंसूर और हाशिम।

पता चला है कि संदिग्ध मौलवी इरफान AGUH की विचारधारा से प्रभावित था और संगठन में शामिल होना चाहता था। इसके बाद ही मुजम्मिल ने उसे मॉड्यूल के बाकी साथियों से मिलाया था। मुजम्मिल की मौत के लगभग एक महीने बाद पुलवामा के कोइल निवासी डॉ. मुजम्मिल शकील (सह-गिरफ्तार) ने मौलवी इरफान से संपर्क किया और अपने को मारे गए मुजम्मिल तंत्रे का करीबी बताया था।

2022 में डॉक्टरों का AGUH सर्कल बना

डॉ. मुजम्मिल ने मौलवी इरफान की मुलाकात डॉ. अदील अहमद राथर (गिरफ्तार) और डॉ. उमर मोहम्मद नबी से करवाई थी और यह तीनों ही AGUH के कट्टर समर्थक थे। यह एक स्थानीय कश्मीर आतंकी संगठन खड़ा करना चाहते थे। जांच एजेंसियां इस पूरे मॉड्यूल की पड़ताल कर रही हैं और आने वाले समय में कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।

FAQs

दिल्ली ब्लास्ट मामले में मौलवी इरफान की क्या भूमिका थी?

मौलवी इरफान को मॉड्यूल का रिंग-लीडर माना जा रहा है, जो AGUH और जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों के सीधे संपर्क में था।

दिल्ली धमाके का कनेक्शन कश्मीर और पाकिस्तान से कैसे जुड़ा?

AGUH का दिल्ली ब्लास्ट केस से क्या संबंध है?

मॉड्यूल में डॉक्टरों की क्या भूमिका थी?

क्या इस मामले में आगे और खुलासों की उम्मीद है?

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अनुज मिश्रा
अनुज मिश्रा Author

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं।... और देखें

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