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'दिल्ली का खजाना खाली है...' केजरीवाल और आतिशी पर भड़कीं सीएम रेखा गुप्ता; जानें क्या बड़ी बातें

Delhi Politics: दिल्ली में नई सरकार बन चुकी है। भाजपा की मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सीएम रेखा ने कहा है कि दिल्ली की पिछली आप सरकार खजाना खाली छोड़कर गई है। वहीं दूसरी ओर आप की बात की जाए तो आतिशी दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष चुनी गईं।

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रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री, दिल्ली।

Rekha Gupta vs Atishi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पूर्व सरकार, भाजपा सरकार के लिए ‘सरकारी खजाने को खाली’ छोड़कर गई है। रेखा गुप्ता ने आश्वासन दिया कि महिलाओं के लिए 2,500 रुपये मासिक भुगतान की योजना को विस्तृत योजना के साथ लागू किया जाएगा।

महिलाओं के 2500 रुपये देने वाली योजना पर हुई बैठक

रेख गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली की नवगठित 8वीं विधानसभा के पहले सत्र से पूर्व राज्य पार्टी कार्यालय में अन्य भाजपा विधायकों के साथ एक बैठक में भाग लिया। बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नवनियुक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समृद्धि योजना के कार्यान्वयन पर अधिकारियों के साथ कई बैठकें हुई हैं, जिसके तहत दिल्ली में पात्र महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह का भुगतान किया जाना है।

रेखा गुप्ता ने कहा- हमने पाया कि सरकारी खजाना खाली है

योजना को लागू करने की तैयारी के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, '(पिछली) सरकार हमें किस स्थिति में छोड़ गई है...जब हम मौजूदा सरकार की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने के लिए अधिकारियों के साथ बैठे, तो हमने पाया कि सरकारी खजाना खाली है।' लेकिन गुप्ता ने आश्वासन दिया कि इस योजना को निश्चित रूप से विस्तृत योजना के साथ लागू किया जाएगा।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि भाजपा सरकार का एकमात्र एजेंडा विकसित दिल्ली सुनिश्चित करना और लोगों की समस्याओं का समाधान करना है।

आतिशी दिल्ली विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष चुनी गईं

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को रविवार को यहां आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों की बैठक में दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चुना गया। पार्टी के नेताओं ने यह जानकारी दी। पार्टी के 22 विधायकों की बैठक में ‘आप’ प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए। पार्टी की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय ने कहा कि सभी ‘आप’ विधायकों ने सर्वसम्मति से आतिशी को विपक्ष का नेता चुना है। उन्होंने बताया कि बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने नेता प्रतिपक्ष के लिए आतिशी के नाम का प्रस्ताव रखा और सभी विधायकों ने उसका समर्थन किया। राय बाबरपुर से विधायक हैं।

आतिशी ने पार्टी प्रमुख केजरीवाल और सभी विधायकों का आभार जताया। उन्होंने, 'आप सदन में दिखाएगी कि एक मजबूत विपक्ष की क्या भूमिका होती है और सभी मुद्दों को पूरी ताकत से उठाएगी। आप यह सुनिश्चित करेगी कि सत्ता में रहने के नाते भाजपा अपने सभी वादे पूरे करे। खास तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 8 मार्च तक दिल्ली की महिलाओं को 2,500 रुपये देने का वादा। हम वादा करते हैं कि हम रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार से यह वादा पूरा करवाएंगे।'

24 फरवरी से शुरू होगा दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र

दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र 24 फरवरी से शुरू होगा। दिल्ली की भाजपा सरकार ने कहा है कि तीन दिवसीय सत्र में, पिछली ‘आप’ सरकार के प्रदर्शन पर लंबित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी। यह रिपोर्ट पेश किए जाने की संभावना पर आतिशी ने कहा कि यह एक नियमित प्रक्रिया है और उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए यह रिपोर्ट सदन को भेजी थीं।

केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं आतिशी जी को सदन में आप का नेता चुने जाने पर बधाई देता हूं। आप दिल्ली के लोगों के हित में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी।' भाजपा ने पांच फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में 70 में से 48 सीट जीतकर ‘आप’ को दिल्ली की सत्ता से बाहर कर दिया। ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत पार्टी के कई शीर्ष नेता चुनाव हार गए।

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Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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