Delhi News: दिल्ली के द्वारका में थाना द्वारका साउथ पुलिस ने मालिक से 3.25 लाख रुपए की धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए आरोपी युवक को शिमला से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से नेट बैंकिंग का दुरुपयोग कर यह रकम मालिक के बैंक खाते से निकाली थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह मामला 15 नवंबर 2025 को सामने आया था। जब पीड़ित ने थाने में चोरी की सूचना थी। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और उसके नौकर मुन्ना कुमार ने धोखे से उसके बैंक खाते से बड़ी रकम निकाल ली है।
आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीम का गठन
न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उसने किसी को पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश की तो बैलेंस कम होने के कारण ट्रांजैक्शन फेल हो गया। इसके बाद बैंक जाकर पता चला कि उसके खाते से 3,25,990 रुपए उसके नौकर मुन्ना कुमार के खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं। जब उसने नौकर से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल बंद मिला और वह काम छोड़कर फरार हो चुका था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ द्वारका साउथ इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह के नेतृत्व में तथा एसीपी किशोर कुमार रेवाला की समग्र देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में एचसी प्रवीण यादव, एचसी धीरज, एचसी कुलदीप और एचसी भूषण प्रसाद शामिल थे।
गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी गिरफ्तार
4 जनवरी 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी शिमला में छिपा हुआ है। तकनीकी सर्विलांस और सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने शिमला से आरोपी मुन्ना कुमार (21) निवासी पूर्वी चंपारण (बिहार) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसे शिकायतकर्ता के खाते की जानकारी पहले से थी।
बैंक जाते समय उसने नेट बैंकिंग की यूजर आईडी, पासवर्ड और मोबाइल लॉक पासवर्ड देख लिया था। बाद में उसने शिकायतकर्ता का मोबाइल लेकर खुद को बेनिफिशियरी जोड़ा और रकम ट्रांसफर कर दी। आरोपी ने बैंक से आए मैसेज भी डिलीट कर दिए। उसने बताया कि पूरी रकम उसने जुए में गंवा दी। पुलिस के अनुसार आरोपी बेरोजगार और अविवाहित है तथा उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। मामले में आगे की जांच जारी है।
(इनपुट - आईएएनएस)
