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अगले 10 दिनों का मौसम: दिल्ली-NCR में बारिश का 'टोटा', उमस करेगी बेहाल; भरोसेमंद नहीं IMD की भविष्यवाणी

अगले 10 दिनों का मौसम कैसा रहेगा, Next 10 Days Weather Forecast in Hindi: दिल्ली-एनसीआर में मौसम विभाग की भविष्यवाणी पर ज्यादा विश्वास नहीं हो पा रहा है। रोजाना तेज बारिश का अलर्ट गच्चा दे रहा है। अगले 10 दिन तक मौसम कुछ इसी तरह रहने का अनुमान है। इस दौरान उमस से छुटकारा नहीं मिलने वाला है। आइये जानते हैं आगे मौसम और मॉनसून का मिजाज कैसा रहने वाला है?

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दिल्ली-NCR 10 दिन का मौसम

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

अगले 10 दिनों का मौसम कैसा रहेगा: राजधानी दिल्ली-एनसीआर में लगातार कई दिनों से मौसम गच्चा दे रहा है। हालांकि, बीच-बीच में हल्की बारिश दर्ज की जा रही है। इन दिनों आलम ये है कि उमस हाल-बेहाल कर रही है। गुरुवार को राजधानी समेत एनसीआर में बारिश का ग्रीन अलर्ट था। गनीमत रही कि मौसम विभाग की इज्जत बादलों ने बचा ली और दोपहर और शाम के वक्त थोड़ी देर के लिए जोरदार बारिश हुई। कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिली। आईएमडी के मुताबिक, शुक्रवार को भी बादल छाए रहने और हल्की वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी ने अगले एक सप्ताह तक बारिश का ग्रीन अलर्ट जारी किया है। आइये जानते हैं आने वाले 10 दिन तक मौसम कैसा रहने वाला है?

27 जुलाई तक मौसम का हाल

मॉनसून लुका छिपी का खेल खेल रहा है, लेकिन मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 24 जुलाई तक रोजाना बादलों की आवाजाही और बारिश के संकेत बन रहे हैं। 21 और 22 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में आगे 10 दिन के मौसम की बात करें तो कुछ ज्यादा परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा। 19 जुलाई को बादलों की गर्जन के साथ बौछारे पड़ने की संभावना है। 20 जुलाई को दक्षिण-पूर्वी हवाओं के साथ अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने के साथ बादल छाए रहने और बारिश का अंदेशा है। इसी प्रकार 27 जुलाई को आंधी के साथ पानी गिरने की आशंका है। इस दरम्यान अधिककतम और न्यूनतम तापमान में विशेष फर्क नहीं रहेगा। 30 जुलाई तक कुल मिलाकर किसी दिन 34 तो किसी 33 से लेकर न्यूनतम 29, 28 या 30 तक पहुंच सकता है।

पांच वर्षों का पूर्वानुमान जो सच साबित हुआ

  • 2020 - 84 फीसदी
  • 2021 - 87 फीसदी
  • 2022 -96 फीसदी
  • 2023 -85 फीसदी
  • 2024 -77 फीसदी

उमस कर रही बेहाल

दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में गुरुवार को हल्की बारिश से तापमान में विशेष फर्क नहीं पड़ा, लेकिन बुधवार के मुकाबले गर्मी का मीटर थोड़ा कमजोर दिखा, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन, शुक्रवार की सुबह उमस का एहसास हो रहा है। इस दौरान अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक यानी 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान हवा में नमी का स्तक 94 से 63 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया। शुक्रवार को बादलों की आवाजाही के बीच मेघ गर्जन और हल्की बारिश के आसार बन रहे हैं। इस दौरान अधिकतम 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक यानी 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

मॉनसूनी सीजन में दिल्ली में बारिश का टोटा

मॉनसूनी सीजन के शुरू होने से 17 जुलाई तक देश में सबसे कम बारिश पश्चिमी दिल्ली में हुई। एक जून से 17 जुलाई तक 99 फीसदी कम बारिश हुई। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिमी दिल्ली में 17 जुलाई तक सामान्य बारिश 185.2 प्रतिशत है, जबकि महज 1.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। उधर, गौतमबुद्ध नगर में मॉनसून के रुख नरम हैं, यहां भी 17 जुलाई तक 88 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। 140.1 MM बारिश के एवज में 16.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। यही हाल यूपी और हरियाणा के कुछ जिलों, गुरुग्राम, फरीदाबाद और इधर गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी का है।

नॉर्थ दिल्ली में सबसे कम 64 फीसदी बारिश

पश्चिमी दिल्ली के बाद नॉर्थ दिल्ली में सबसे कम 64 फीसदी बारिश हुई। यहां 193.1 एमएम के एवज में 70 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद ईस्ट दिल्ली में 34 प्रतिशत, साउथ दिल्ली में 32 प्रतिशत, साउथ वेस्ट दिल्ली में 27 फीसदी और सेंट्रल दिल्ली में 22 फीसदी बारिश दर्ज की गई। उधर, नॉर्थ वेस्ट में सामान्य से 57 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। राजधानी में यही वो इलाका है, जहां सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त नई दिल्ली में 35 प्रतिशत, नॉर्थ दिल्ली में 46 फीसदी अधिक बारिश हुई।

हालांकि, बीच में बारिश होने से प्रदूषण के मीटर पर अंकुश लगा हुआ है। गुरुवार को लगातार तीसरे दिन दिल्ली का एक्यूआई 100 से नीचे 95 रहा। फिलहाल, प्रदूषण बढ़ने की चिंता नहीं है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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