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दिल्ली में प्रदूषण पर सख्ती; सीएम रेखा गुप्ता ने लॉन्च किया एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026’ लॉन्च किया है। यह योजना राजधानी को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर बनाने के लिए तैयार की गई है। इसमें वाहनों, कचरे, धूल, उद्योग और ट्रैफिक जैसी सभी प्रमुख प्रदूषण स्रोतों पर सख्त कार्रवाई शामिल है।

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दिल्ली सरकार ने लॉन्च किया एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026’ लॉन्च कर दिया है। यह व्यापक योजना 2026-27 के ग्रीन बजट के बाद लागू की गई है, जिसका उद्देश्य राजधानी को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तैयार की गई है और इसमें प्रदूषण के सभी प्रमुख स्रोतों को लक्ष्य बनाकर कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री जनसेवा सदन

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ. पंकज कुमार सिंह और मुख्य सचिव राजीव वर्मा समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए समयबद्ध और जिम्मेदारी आधारित कार्ययोजना पर जोर दिया गया।

वाहन प्रदूषण पर सख्ती

सरकार ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अब ‘नो PUC-नो फ्यूल’ नियम को पूरी कठोरता से लागू किया जाएगा। ANPR कैमरे और डिजिटल सिस्टम के जरिए वाहनों की निगरानी की जाएगी। 1 नवंबर 2026 से दिल्ली में केवल BS-VI, CNG या इलेक्ट्रिक वाहनों को ही भारी मालवाहक वाहनों के रूप में प्रवेश की अनुमति होगी। अगर प्रदूषण स्तर बढ़ता है तो वर्क फ्रॉम होम, कार्यालय के समय में बदलाव और अन्य अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।

सार्वजनिक परिवहन और EV पर जोर

सरकार ने निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश की योजना बनाई है। 2028-29 तक बसों की संख्या बढ़ाकर 13,760 करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें इलेक्ट्रिक बसों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। मेट्रो, RRTS और फीडर सेवाओं के जरिए अंतिम मील कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाया जाएगा। अगले चार वर्षों में 32,000 EV चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। नई EV नीति में दोपहिया और वाणिज्यिक वाहनों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।

62 जाम हॉटस्पॉट खत्म करने की योजना

शहर में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए 62 महत्वपूर्ण स्थानों पर यातायात सुधार कार्य किए जाएंगे। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को लागू किया जाएगा। स्मार्ट पार्किंग और मूल्य निर्धारण के जरिए सड़क उपयोग को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इन उपायों से ट्रैफिक जाम के कारण होने वाले वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी।

धूल नियंत्रण के लिए बड़े कदम

धूल नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन, वाटर स्प्रिंकलर और मिस्ट सिस्टम की स्थापना की जाएगी। बड़े भवनों में मिस्ट स्प्रे का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा। GPS आधारित निगरानी और केंद्रीय डैशबोर्ड के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही, सड़कों और निर्माण कार्यों में सुधार के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। 3,500 किलोमीटर सड़कें पुनर्निर्मित की जाएंगी, साथ ही हरित पट्टी और यूटिलिटी डक्ट की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। निर्माण गतिविधियों की निगरानी के लिए AI आधारित C&D पोर्टल 2.0 का उपयोग किया जाएगा। निर्माण और विध्वंस से होने वाले कचरे के वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कचरा प्रबंधन और लैंडफिल हटाने का लक्ष्य

कचरा प्रबंधन और लैंडफिल समाप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। ओखला लैंडफिल को जुलाई 2026 तक बंद किया जाएगा, भलस्वा लैंडफिल को दिसंबर 2026 तक और गाजीपुर लैंडफिल को दिसंबर 2027 तक समाप्त किया जाएगा। ई-वेस्ट इको पार्क और सर्कुलर इकोनॉमी परियोजनाओं को लागू किया जाएगा। साथ ही बायोमास जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाएगा।

औद्योगिक प्रदूषण पर होगी कार्रवाई

औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। सभी उद्योगों में ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी अनिवार्य होगी, और नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों को बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा, उल्लंघन करने वालों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई लागू की जाएगी। रियल-टाइम निगरानी और जनता की भागीदारी को बढ़ाने के लिए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। केंद्रीकृत ग्रीन वॉर रूम और कमांड सेंटर के साथ-साथ वार्ड स्तर पर ‘वायु रक्षक’ टीमों का गठन किया जाएगा, और 311 प्लेटफॉर्म को भी मजबूत किया जाएगा।

2026-27 में 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल घोषणा नहीं बल्कि तकनीक, संसाधन और सख्ती के साथ लागू होने वाला अभियान है। इसका उद्देश्य दिल्ली के हर नागरिक को स्वच्छ हवा देना है और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाना है। कुल मिलाकर, ‘एक्शन प्लान-2026’ दिल्ली में वाहनों, धूल, कचरे, उद्योग और ट्रैफिक समेत प्रदूषण के सभी बड़े कारणों पर एक साथ सख्त कार्रवाई का रोडमैप है, जिससे राजधानी में साफ हवा सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।

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bhawana gupta
भावना किशोर author

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यू... और देखें

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