Delhi Crime: राजस्थान के डीग में सामने आए एक्सिस बैंक (Axis Bank) फर्जी आई कार्ड के मामले की जांच जब दिल्ली पहुंची तो DCP द्वारका की टीम ने अहम भूमिका निभाते हुए राजस्थान पुलिस को उत्तम नगर के एक ऑफिस तक पहुंचाया। द्वारका जिला पुलिस (Delhi Police) की ग्राउंड इंटेलिजेंस और साइबर टीम की तकनीकी मदद से संदिग्ध ठिकाने की पहचान की गई। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर वहां छापेमारी की और 83 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 43 महिलाएं शामिल हैं।
यह पूरी कार्रवाई 29 अगस्त को हुई। राजस्थान के डीग साइबर थाने की टीम DSP वीरेंद्र पाल के नेतृत्व में दिल्ली पहुंची थी। टीम के साथ (Axis Bank) के नाम पर कथित फर्जी आई कार्ड इस्तेमाल करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी आकाश राठौर भी था। आरोपी से पूछताछ और जांच के आधार पर राजस्थान पुलिस को दिल्ली में एक संदिग्ध ऑफिस का सुराग मिला था।
राजस्थान पुलिस ने जब उत्तम नगर थाने से मदद मांगी तो DCP द्वारका ने स्थानीय पुलिस के साथ-साथ साइबर टीम को भी सक्रिय किया। इसके बाद द्वारका पुलिस ने अपने ग्राउंड नेटवर्क और तकनीकी संसाधनों की मदद से संदिग्ध लोकेशन को ट्रेस किया और राजस्थान पुलिस की टीम को वहां तक पहुंचाया।
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ग्राउंड इंटेलिजेंस से लेकर टेक्निकल इनपुट तक, हर स्तर पर मदद
इस ऑपरेशन में द्वारका जिला पुलिस की स्थानीय टीम और साइबर पुलिस ने मिलकर काम किया। स्थानीय स्तर पर संदिग्ध ऑफिस और वहां होने वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई गई, जबकि साइबर टीम ने तकनीकी इनपुट के जरिए लोकेशन की पहचान में मदद की। इन इनपुट्स के आधार पर राजस्थान पुलिस और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने उत्तम नगर की एक बिल्डिंग में चल रहे 'Anand Enterprises' ऑफिस पर छापा मारा।
पुलिस टीम जब ऑफिस पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में लोग काम करते मिले। जांच के दौरान कुल 83 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 43 महिलाएं थीं। इनमें ऑफिस स्टाफ के अलावा ट्रेनिंग से जुड़े कर्मचारी भी शामिल थे।
फर्जी ID कार्ड ने खोली पूरी कड़ी
मामले की शुरुआत 20 अगस्त को हुई थी। (Axis Bank) की डीग शाखा के मैनेजर फूल सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि आकाश राठौर ने एक व्यक्ति को फोन कर (Axis Bank) का क्रेडिट कार्ड दिलाने की पेशकश की थी।
जब उससे बैंक कर्मचारी होने का सबूत मांगा गया तो उसने WhatsApp पर (Axis Bank) का विजिटिंग आई कार्ड भेजा। कार्ड को बैंक के एक कर्मचारी ने Axis Vigilance के सामने जांच के लिए रखा। जांच में कार्ड फर्जी पाया गया।
इसके बाद डीग साइबर थाने में 28 अगस्त को FIR नंबर 13/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने आकाश राठौर को गिरफ्तार किया और उसकी पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान दिल्ली में मौजूद संदिग्ध ठिकाने की जानकारी सामने आई।
83 लोगों को डीग ले गई राजस्थान पुलिस
उत्तम नगर में छापेमारी के बाद राजस्थान पुलिस ने ऑफिस में मिले सभी 83 लोगों को हिरासत में लिया और आगे की जांच के लिए डीग ले गई।
प्रारंभिक पूछताछ में ऑफिस की मालिक/मैनेजर सलोनी मित्तल, उम्र 47 वर्ष, निवासी उत्तम नगर के बारे में जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, सलोनी ने बताया कि 'Anand Enterprises' का टाई-अप R.K.P.L. Services के साथ है और आगे Axis Bank की क्रेडिट कार्ड सेवाओं से जुड़ी कंपनी के साथ काम किया जाता है।
बताया गया कि कर्मचारियों को ग्राहकों का डेटा मिलता था और वे फोन के जरिए Axis Bank क्रेडिट कार्ड बेचने के लिए ग्राहकों से संपर्क करते थे। ग्राहक के तैयार होने पर आधिकारिक(Axis Bank) क्रेडिट कार्ड वेबसाइट के जरिए कार्ड जारी करने की प्रक्रिया की जाती थी।
अब हर कर्मचारी की भूमिका खंगालेगी पुलिस
फिलहाल पुलिस ने सभी 83 लोगों की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। राजस्थान पुलिस यह पता लगा रही है कि किस कर्मचारी का क्या काम था, किसे किस तरह का डेटा मिलता था और (Axis Bank) फर्जी ID कार्ड के मामले में किसी की सीधी भूमिका थी या नहीं। दिल्ली पुलिस की ओर से DCP द्वारका के निर्देशन में स्थानीय थाना पुलिस और साइबर टीम ने राजस्थान पुलिस को ऑपरेशन के दौरान ग्राउंड और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई।
दिल्ली में संदिग्ध लोकेशन की पहचान से लेकर छापेमारी तक द्वारका पुलिस की भूमिका इस संयुक्त कार्रवाई में अहम रही। मामले की आगे की जांच अब राजस्थान पुलिस कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हिरासत में लिए गए 83 लोगों में से कितने लोग इस केस से सीधे जुड़े हैं।
