गंभीर प्रदूषण के बीच मंगलवार सुबह दिल्ली घने जहरीले धुंध की चादर में लिपटी रही, जिससे विजिबिलिटी कम हो गई और लोगों को असुविधा हुई। बुधवार को तेज हवाओं का असर देखा गया और कोहरे की स्थिति दिल्ली में कुछ कम हुई। इस बीच, सोमवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की विशेषज्ञ समिति की पहली बैठक हुई, जिसमें वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर चर्चा की गई। समिति आने वाली बैठकों में ठोस और कारगर सुझाव पेश करेगी। बढ़ते पॉल्यूशन को देखते हुए CAQM ने दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज-IV के सभी उपाय लागू कर दिए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार मंगलवार शाम 4 बजे दिल्ली का औसत AQI 354 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। सुबह 8 बजे AQI 378 दर्ज किया गया था। सोमवार को यह 427 तक पहुंच गया था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में था। बुधवार को इसमें थोड़ी सी कमी देखी जा रही है।
दिल्ली में आज सुबह 7 बजे सीपीसीबी (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में प्रदूषण बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। बुधवार सुबह दिल्ली शहर का औसत AQI 329 रहा। जिसमें सबसे अधिक AQI बवाना इलाके का रहा। बवाना स्टेशन पर सुबह 7 बजे 378 AQI रिकॉर्ड किया गया।
हवा की क्वालिटी के लिहाज से अगर आज हम दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों की बात करें तो, बुधवार सुबह दिल्ली का बवाना इलाके की हालत सबसे खराब रही। जहां AQI 378 दर्ज किया गया। इसके अलावा वजीरपुर (360), विवेक विहार (354), सोनिया विहार (345), सिरिफोर्ट (356), रोहिणी (364), पूसा (365), मुंडका (370), अशोक विहार (350) में भी हवा की क्वालिटी बेहद खराब स्थिति है।
दिल्ली का कोई इलाका ऐसा नहीं है, जहां साफ हवा मिले लेकिन तुलनात्मक रूप से देखने पर कुछ इलाकों में AQI 300 के नीचे दर्ज किया गया है। बुधवार सुबह आया नगर (272), IGI एयरपोर्ट (263), IHBAS (247) और मंदिर मार्ग (257) दिल्ली के बाकी इलाकों में सबसे साफ रहे। हालांकि, यहां की हवा भी खराब श्रेणी में आती है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को राजधानी में जहरीली हवा को लेकर माफी मांगी और कहा कि किसी भी चुनी हुई सरकार के लिए महज 9-10 महीनों में AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) को कम करना असंभव है। दिल्ली-एनसीआर इस समय गंभीर धुंध और खराब से गंभीर श्रेणी में बने AQI से जूझ रहा है, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
दिल्ली ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कड़ा कदम उठाया है। अब राजधानी में जिन वाहन मालिकों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं होगा, उन्हें गुरुवार से पेट्रोल पंपों पर ईंधन खरीदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह घोषणा मंगलवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के प्रयासों के तहत लिया गया है।